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कम लागत में अधिक मुनाफे का सौदा, सरकार की इस योजना का उठाये लाभ और कमाये बंपर पैसे

अल्मोड़ा जिले में सौर ऊर्जा से हर साल तैयार हो रही साठ लाख यूनिट बिजली

 

अल्मोड़ा। सौर ऊर्जा रात में उजाले का साधन ही नहीं आय का भी बेहतर साधन बन रही है। जिले में हर साल सौर ऊर्जा से साठ लाख यूनिट बिजली तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष के अंत तक बीस किलोवाट क्षमता के 48 नए संयंत्र लग जाने पर इसमें दस मेगावाट की बढ़ोतरी हो जाएगी।

सोलर एनर्जी प्लांट लगाना हाइड्रो एनर्जी के मुकाबले कम खर्चीला और पर्यावरण अनुकूल है। 20 से 50 किलोवाट क्षमता का प्लांट लगाने को 750 से 1000 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होती है। प्लांट स्थापित करने में प्रति किलोवाट करीब पचास हजार रुपए का खर्चा आता है।

 

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सरकार लागत में प्रति किलोवाट 50 फीसदी अनुदान दे रही है। प्लांट लगाने के लिए बैंक भी ऋण उपलब्ध कराते हैं। 20 किलो वाट के प्लांट लगाने का खर्च 10 लाख आता है। 50 फीसदी सब्सिडी मिलने पर यह लागत मात्र पांच लाख होती है। इस प्लांट से साल में करीब तीस हजार 400 यूनिट बिजली तैयार होती है।

 

वर्तमान में यूपीसीएल 4.64 प्रति यूनिट की दर से सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली का भुगतान कर रहा है। प्रतिवर्ष एक लाख 41,056 रुपया बिजली बेचने से मिलता है यानि पांच साल में प्लांट स्थापना की लागत वसूल हो जाती है। इस प्लांट की उम्र पच्चीस साल मानी गई है यानि अगले 20 साल तक होने वाली कमाई मुनाफा है।

 

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत राज्य के स्थाई निवासियों को स्वयं की अथवा लीज पर ली भूमि में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने के लिए एमएसएमई योजना का लाभ मिलता है। जिले में इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 20 किलोवाट क्षमता के 48 प्लांट लगाए जाने हैं। इन प्लांटों के चालू हो जाने पर जिले में सौर ऊर्जा बिजली उत्पादन क्षमता 10 मेगावाट बढ़ जाएगी।

 

 

जिले में कई स्थानों पर सौर ऊर्जा बिजली उत्पादन के लिए रूफ टॉप और व्यावसायिक संयंत्र लगे हैं। वर्तमान में जिले में सौर ऊर्जा से प्रतिमाह साठ लाख यूनिट बिजली तैयार हो रही है। यूपीसीएल 4.64 प्रति यूनिट बिजली भुगतान करता है। इस हिसाब से उद्यमियों को हर महीने दो करोड़ 78 लाख चालीस हजार रुपए की आय हो रही है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत बीस से लेकर दो सौ किलो वाट क्षमता के संयंत्र स्थापित किये जा सकते हैं। यह संयंत्र पर्यावरण अनुकूल और आय अर्जित करने में कम लागत में अधिक मुनाफे का सौदा है। चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक जिले में इस योजना से 48 प्लांट स्थापित हो जाएंगे।
-मनोज कुमार बजेठा, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक, उरेडा।

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