डेस्क। नौ माह तक नवजात के लिए मां ने क्या कुछ नहीं किया होगा। बच्चे के होने पर कई सपने भी संजोए होंगे। आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही होगी कि उसे जान देनी पड़ गई। उसने एक बार भी अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के बारे में नहीं सोचा। जिसने भी महिला की मौत की खबर सुनी, उनके मुंह से यही निकल रहा था कि बच्चे का क्या कसूर था। जब उसे जन्म लेने का समय आया तो दुनिया में आने से पहले ही उसे दुनिया छोडऩी पड़ गई।
नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लाक निवासी 20 वर्षीय मुन्नी देवी पत्नी ईश्वरी राम ने हल्द्वानी में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। वह नौ माह की गर्भवती थी। मां की मौत से गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। ईश्वरी राम एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। मंगलवार देर शाम वह घर पहुंचा तो पत्नी फंदे से लटकी हुई थी। खुदकुशी के कारण का पता नहीं चल सका है। मृतका का विवाह एक साल पहले हुआ था।
चौकी इंचार्ज ने बताया कि स्वजन खुद ही शव को फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार को तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर स्वजनों को सौंप दिया। मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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