डेस्क। आधार-पैन कार्ड जमा कराने पर फ्री में मुर्गे का मीट दिए जाने का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दो शख्स मुर्गे की दुकान में फ्री में मीट बांटने का कार्य कर रहे थे और बदले में आधार-पैन जमा करवा रहे थे। इसकी भनक लगने के बाद पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। साइबर क्राइम की टीम मामले की जांच में जुट गई है।
मामला उत्तर प्रदेश के शामली जिले का है। थाना भवन थाना क्षेत्र के कस्बा जलालाबाद में मुर्गे की मीट की दुकान पर प्रदीप कुमार और दिल्ली निवासी तुषार पिछले करीब 3 माह से लोगों को फ्री में मीट बांट रहे थे। मीट के बदले वह लोगों से आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोकॉपी जमा करने करवा रहे थे। आपको बता दें कि मुर्गा-मीट बांटने वाले दोनों आरोपी आपस में चाचा-भतीजे हैं।
पकड़े गए युवक तुषार ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वो दिल्ली में रहता है और बीए का छात्र है। वह पिछले काफी समय से एक प्राइवेट कंपनी के लिए काम कर रहा था, जिसमें उसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक फोटो की डिटेल भरकर काफी पैसे मिलते थे। और इस कारण ये लोगों को फ्री में मुर्गे का मीट उपलब्ध करा रहे थे।
अब साइबर क्राइम की टीम मामले की जांच करने में जुटी है। पुलिस अधिकारी अभी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। अब इतनी भारी संख्या में आधार कार्ड, पैन कार्ड और लोगों के फोटो के जुटाए जाने वाले डेटा का ये दोनों क्या करने वाले थे और इनका नेटवर्क कहां तक फैला है, पुलिस टीम इसकी जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
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