अल्मोड़ा। अल्मोड़ा शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए वन-वे सिस्टम लागू है। आम आदमी द्वारा जब वन-वे सिस्टम का उल्लंघन किया जाता है तो मित्र पुलिस धड़ल्ले से चालान काटती है जो नियम के तहत बिल्कुल सही भी है। लेकिन जब वही नियम लक्जरी वाहनों में बैठे अफसरों द्वारा तोड़े जाते है तो पुलिस आंखों में पट्टी बांध लेती है।
ऐसा की कुछ मामला गुरुवार को सामने आया। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत सहित जिलाधिकारी वंदना व अन्य विभागीय अधिकारी मल्ला महल निरीक्षण को पहुंचे। करीब दोपहर डेढ़ बजे निरीक्षण पूरा कर जब वह वापस माल रोड में लौटे तो कमिश्नर, डीएम के वाहनों ने वन वे के नियमों काे ताक पर रख कर नियमों का उल्लंघन कर दिया। यही नहीं आगे पीछे से पुलिसकर्मी ही कमिश्नर के वाहन को ले जाते हुए दिखाई दिए। जिम्मेदार अफसरो के इस रवैये से अंदेशा लगाया जा सकता है कि वह नियम कानून को लेकर कितने सजग है।
आम आदमी को नियम कानून का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस की इस मामले को लेकर जमकर किरकिरी हो रही है। नगर में कई जगह लोग इस विषय पर चर्चा करते दिखें। लेकिन सवाल एक है कि आखिर प्रशासन व पुलिस का यह दोहरापन क्यों.. ? क्या पुलिस द्वारा लागू वन-वे सिस्टम में आम आदमी व अफसरों के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं.. ?
इधर मामले में एसएसपी प्रदीप कुमार रॉय से पूछने पर उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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