अल्मोड़ाः धर्मनिरपेक्ष युवा मंच ने उत्तराखंड के चर्चित यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। मंच ने पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकार वार्ता के दौरान मंच के संयोजक विनय किरौला ने कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामला उत्तराखंड में पहला मामला नहीं है। राज्य बनने के बाद से उत्तराखंड में कई घोटाले हुए है। जिनकी लंबी फेहरिस्त है और सभी घोटालों की जांच ठंडे बस्ते में है।
किरौला ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। मेहनतकश युवा सालों की मेहनत के बाद किसी एक्जाम को पास करता है और इस तरह पेपर लीक होने के बाद युवाओं के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। इस दौरान बीजेपी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए किरौला ने कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में प्रदेश की भाजपा सरकार सिर्फ छोटे कर्मचारियों को पकड़कर इतीश्री कर लेना चाहती है। जबकि एसटीएफ की अब तक की कार्रवाई से स्पष्ट है कि इस प्रकरण में कई बड़े मगरमच्छ के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह इस मामले की सीबीआई जांच कराकर सफेदपोश व बड़े मगरमच्छों को पकड़ने का काम करें।
किरौला ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो इसके लिए सरकार रोजगार कैलेंडर जारी करे। भर्तियों में किसी प्रकार की कोई अनियमितता व गड़बड़िया न हो इसके लिए परीक्षा कराने वाले संबंधित आयोग पर निगरानी के लिए जांच एजेंसी बैठाई जाए और जिलों में इसके लिए जिलाधिकारी व एसपी की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में धांधली को रोकने के लिए प्रदेश सरकार इसके लिए अलग से कानून बनाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज कर उसके खिलाफ क्रिमिनल एक्ट में कार्रवाई की जाए।
किरौला ने कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले को लेकर जल्द ही धर्मनिरपेक्ष युवा मंच प्रदेशभर के युवाओं को एकजुट करने का काम करेगा साथ ही मामले में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
पत्रकार वार्ता में धर्मनिरपेक्ष युवा मंच के संयोजक विनय किरौला के अलावा सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जी.सी. जोशी, मीडिया प्रभारी मयंक पंत, पंकज रौतेला, मनोज भट्ट, श्याम कनवाल, वीरेंद्र कनवाल, नितिन टम्टा, निरंजन पांडे आदि मौजूद रहे।
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