अल्मोड़ाः बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड (Ankita murder case) के बाद पूरे प्रदेश में गम व गुस्से का माहौल है। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे है लोग आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग उठा रहे है। इधर, अल्मोड़ा में शनिवार की देर शाम युवाओं ने अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान आक्रोशित युवाओं ने नारेबाजी कर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
युवाओं ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर से चौघानपाटा तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान युवाओं ने कहा कि एक ओर भाजपा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है वही, दूसरी ओर भाजपा के नेता व उनके बिगड़ैल व रईसजादें बेटों द्वारा महिलाओं के साथ हैवानियत की जा रही है। युवाओं ने कहा कि भाजपा हर चुनाव से पहले महिलाओं को सुरक्षित माहौल व सुरक्षा देने का वायदा करते नहीं थकती। लेकिन भाजपा शासनकाल में ही महिलाओं पर सबसे अधिक अत्याचार हो रहे है।
आक्रोशित छात्रों ने कहा कि अंकिता के पिता कई दिन तक थानों, चौकियों व पटवारी चौकी के चक्कर काटते रहे। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और अंत में अकिता का शव बरामद हुआ। छात्रों ने कहा कि इस प्रकरण में कही न कही पटवारी समेत वे सभी अधिकारी भी जिम्मेदार है। जिन्होंने मामले का संज्ञान न लेकर मजबूर पिता को दर-दर भटकाने का काम किया।
इस दौरान आक्रोशित छात्राओं ने कहा कि पहाड़ की एक और बेटी आज लचर व्यवस्थाओं व हैवानों की भेंट चढ़ गई। बेटियां आज घर से बाहर महफूज नहीं है। दिन हो या रात यही डर सताए रहता है कि कहीं कुछ अनहोनी ना हो जाए। आए दिन छेड़खानी और दुष्कर्म की घटनाएं देखने और सुनने को मिल रही है।
कैंडल मार्च में गोपाल भट्ट, रिया कुटोला, लोकेश सुप्याल, पंकज फर्त्याल कामेश कुमार, दीप्ति बनौला, दीक्षा सुयाल, पंकज कार्की, रोहन विश्वकर्मा, अमित कार्की, सुमित कार्की, हर्षित विश्वकर्मा, हर्षित दुर्गापाल, आदित्य, कपिल, रवि मेर, शुभम परगाई, रोहित भट्ट, रितिक राज, प्रदीप सिंह, मुस्कान, शुभम कांडपाल, दीपांशु, रवीना समेत कई युवा मौजूद रहे।
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