अल्मोड़ाः विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसे अभियुक्त अकिम वेंकट प्रेमनाथ (ए.वी. प्रेमनाथ) पुत्र स्व. ए.वी. रायलू, निवासी 64 दिल्ली गर्वमेन्ट आफिसर्स फ्लैट ग्रेटर कैलाश पार्ट, नई दिल्ली की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अभियुक्त द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। जिसकी सुनवाई गुरुवार को हुई।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने न्यायालय को बताया कि पीड़िता द्वारा राजस्व क्षेत्र गोविन्दपुर में बीते 3 अक्टूबर को तहरीर दी गई थी। अभियुक्त द्वारा 23 फरवरी 2022 को पीड़िता को अपने दिल्ली सचिवालय आफिस में बुलाकर उसकी कमर में हाथ लगाकर छेड़खानी की गई। इसके अलावा 22 मार्च 2022 की सुबह करीब 11 बजे जब पीड़िता नहाने के लिए बाथरूम में जा रही थी तो, अभियुक्त ने पीड़िता को पीछे से धक्का दिया जिसे वह बाथरूम में मुँह बल गिर गई और अभियुक्त भी बाथरूम के अन्दर घुस गया और उसने अपने पैर से बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया।
कैड़ा ने न्यायालय को यह भी बताया कि अभियुक्त के दोनों हाथ आर्टिफिशियल है। लेकिन दोनों हाथ कोहनी से कुछ आगे तक सही है। जिससे वह पीड़िता के कपड़े उतारने की कोशिश करने लगा। जिसके बाद पीड़िता चिल्लाकर किसी तरह वहां से भाग पड़ी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि अगर पीड़िता वहां से नहीं भागती तो अभियुक्त उसके साथ जघन्य अपराध कर सकता था। यदि अभियुक्त को जमानत पर रिहा किया जाता है तो उसके दोबारा इस तरह के अपराध करने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। तथा मामले से सम्बन्धित गवाहों , पीडित पक्ष को द्वारा धमका कर विवेचना को प्रभावित कर सकता है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने अभियुक्त ए.वी. प्रेमनाथ की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
इस दौरान राज्य सरकार की ओर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा व विशेष लोक अभियोजक पोक्सो भूपेंद्र कुमार जोशी तथा पीड़िता के अधिवक्ता पी.सी. तिवारी मौजूद रहे।
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