अल्मोड़ा। समग्र शिक्षा के तहत बाल गणना सर्वेक्षण वर्ष 2025-26 की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक शुक्रवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। डीएम ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
सर्वेक्षण में जिले में तीन से 18 आयु वर्ग के बच्चों की घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से गणना की जाएगी। बैठक में डीएम ने कहा कि जिन बच्चों का विद्यालयों में नामांकन नहीं है, उनका विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर प्रस्तुत करें तथा बच्चों के ड्राप आउट होने के कारणों का गहन विश्लेषण किया जाए।
बाल गणना सर्वेक्षण की कार्ययोजना के तहत चार स्तरों पर आंकड़े संकलित किए जाएंगे। पहले विद्यालय, ग्राम स्तर पर प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक घर-घर जाकर बच्चों का सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद संकुल स्तर, उसके बाद विकासखंड स्तर और अंत में जिला स्तर पर आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।
पिछले वर्ष 2024-25 की बाल गणना के अनुसार जिले में तीन से 18 वर्ष आयु वर्ग के कुल 96,003 बच्चे चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 95,848 बच्चों का विद्यालयों में पंजीकरण हुआ था।
डीएम ने पंजीकरण से छूटे बच्चों के कारणों का विश्लेषण कर उन्हें शत प्रतिशत विद्यालयों से जोड़ना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस वर्ष प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वेक्षण के आंकड़ों का अंतिम संकलन 30 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
बैठक में सीडीओ रामजीशरण शर्मा, प्रभारी सीईओ अत्रेश सयाना, जिला समाज कल्याण अधिकारी आराधना त्रिपाठी, डीडीएमओ विनीत पाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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