अल्मोड़ा : केंद्र सरकार ने सरकारी राशन की दुकान से अनाज ले रहे लोगों को 30 नवम्बर तक केवाईसी कर लेने की गाइडलाइन जारी की। सरकारी गल्ले की दुकान में केवाईसी को और बैंकों में आधार अपडेशन को इन दिनों जबरदस्त भीड़ लग रही है। राशनकार्ड धारकों में बेचैनी कि उन्हें अनाज मिलना बंद न हो जाए।
सरकार ने पीडीए दुकानों से राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों की तीन श्रेणी निर्धारित की है। गरीबी रेखा से ऊपर के लाभार्थियों को पीला, अंत्योदय परिवार को गुलाबी, बीपीएल और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को सफेद कार्ड जारी किए हैं। गुलाबी कार्ड धारकों को प्रति कार्ड प्रतिमाह 13.300 किलो गेहूं और 21.700 किलो चावल मुफ्त मिलता है। सफेद कल धारकों को प्रति यूनिट हर महीने 1.900 किलो गेहूं और 3.100 किलो चावल दिया जाता है।
राशन लेने को पीडीए दुकान में कार्ड धारक को बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होता है। सफेद और गुलाबी श्रेणी के कई कार्डों में लंबे समय से लाभार्थी राशन नहीं उठा रहे हैं। जबकि पूर्ति विभाग गोदाम के माध्यम से दुकानों तक राशन पहुंचा रहा है। आशंका है कि या तो कुछ राशन कार्ड फर्जी बने हैं अथवा जिनमें पूर्व में कार्ड बने थे अब उन्हें मुफ्त अनाज की जरूरत नहीं है।
अब केन्द्र सरकार ने नए सिरे से लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का आदेश जारी किया है। तीनों ही श्रेणियां में राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सभी सदस्यों को सरकारी राशन की दुकानों में जाकर केवाईसी करानी है। फिलहाल 30 नवम्बर तक केवाईसी का समय निर्धारित है।
जिले के सभी क्षेत्रों में राशन की दुकानों में केवाईसी को भीड़ लग रही है। कई लोगों के फिंगरप्रिंट नहीं आने से बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। वह बैंकों में आधार अपडेशन के लिए लाइन लगाने को मजबूर हैं। बैंकों में हर दिन जबरदस्त भीड़ लग रही है लेकिन वहां एक दिन में 30 से 40 लोगों के ही आधार अपडेट हो पा रहे हैं। अधिकांश परिवारों के सदस्य काम के सिलसिले में महानगरों में प्रवास पर हैं। बगैर घर पहुंचे उनका सत्यापन भी नहीं हो सकता है।
केवाईसी ठीक, पर तरीका बदले सरकार
अल्मोड़ा: सोमेश्वर निवासी धर्म सिंह, शांति बोरा, पंकज बोरा, दन्यां निवासी सतीश पंत आदि का कहना है जरूरतमंद को अनाज उपलब्ध कराने के लिए लाभार्थियों का सत्यापन होने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पीडीए दुकानों की बायोमेट्रिक मशीन में कई लोगों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे हैं। उन्हें आधार अपडेशन के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। पहाड़ में 80 फीसदी परिवारों के सदस्य रोजगार को घरों से बाहर हैं। सत्यापन के लिए उनका निर्धारित समय पर पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार को ऑनलाइन सत्यापन का कारगर तरीका बनाना चाहिए।
अधिकारियों ने क्या कहा ?
अल्मोड़ा: जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि राशन की सरकारी दुकानों से अनाज प्राप्त कर रहे लाभार्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर केंद्र सरकार ने निर्देश प्राप्त हुए है। जिले में गुलाबी और सफेद राशन कार्ड धारकों में से कई लोग लंबे समय से राशन नहीं उठा रहे हैं। सत्यापन होने से पारदर्शिता सामने आएगी। केवाईसी को लेकर लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। केवाईसी के लिए आधार कार्ड अपडेशन होना जरूरी है। फिलहाल सरकार ने केवाईसी को 30 नवम्बर की तिथि निर्धारित की है। संभव है कि आगे समय बढ़ेगा। ऐसा नहीं है कि सत्यापन नहीं होने पर तत्काल राशन बंद हो जाएगा। केवाईसी सामान्य प्रक्रिया है। लोग इसे लेकर पैनिक न हों।
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