अल्मोड़ा: बुधवार को मौसम ने करवट क्या बदली, विद्युत विभाग की पोल खुल गई। महज नाममात्र की बारिश में बिजली गुल हो गई। पिछले दो घंटों से अधिक समय तक अंधेरे में डूबे रहने के कारण स्थानीय जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
हैरानी की बात यह है कि बारिश इतनी मामूली थी। लेकिन ऊर्जा विभाग की तैयारियों के लिए यह भी आफत साबित हुई। रात के ठीक उस समय जब घरों में खाना बनाने और बच्चों के पढ़ने का वक्त होता है, बिजली गुल होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि विभाग हर साल रखरखाव के नाम पर लाखों खर्च करता है, लेकिन नतीजा सिफर है। जवाबदेही के नाम पर अधिकारियों द्वारा हर बार वही रटा-रटाया बयान दिया जाता है।
विद्युत वितरण खंड अल्मोड़ा के ईई कन्हैया जी मिश्रा ने बताया कि स्यालीधार से खत्याड़ी के बीच 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से विद्युत सप्लाई बाधित हुई थी। सूचना मिलते ही टीम भेजी गई और कड़ी मशक्कत के बाद आपूर्ति बहाल की गई।
विभाग भले ही काम पूरा होने का दावा करे, लेकिन बार-बार आती ये तकनीकी खामियां साबित कर रही हैं कि जिले की विद्युत व्यवस्था फिलहाल राम भरोसे ही चल रही है। सवाल यह है कि आखिर जनता को इस लचर सिस्टम से छुटकारा कब मिलेगा? आए दिन होने वाली इस समस्या का जिम्मेदार कौन है? लाइनों की मरम्मत के नाम पर होने वाला खर्च धरातल पर क्यों नहीं दिखता?
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