अल्मोड़ा। मेयर प्रत्याशी की घोषणा होते ही भाजपा के कुछ नेता बगावत पर उतारू हो गए है। मेयर का टिकट कटने के बाद भाजपा नेता व पूर्व सभासद मनोज वर्मा का अब दर्द सामने आ ही गया। टिकट नहीं मिलने से नाराज मनोज अब भाजपा पर हमलावर हो गए है। उन्होंने पार्टी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए है।
बगावती तेवर दिखाने वाले मनोज वर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया। इसके बाद जब वह मीडिया से अपना दर्द सांझा करने लगे तो उनके आंखों से आंसू छलक उठे। उन्होंने कहा कि साल 1982 से वें भाजपा की विचारधारा से जुड़े है। कई बड़े नेताओं के साथ उन्होंने काम किया। 1996 में पार्टी सिंबल से जीत दर्ज करने वाले दो सभासदों में एक वें थे। इसके बाद उन्होंने कई बार नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए टिकट मांगा लेकिन उन्हें नहीं दिया गया।
वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, बाहर से आए कुछ लोगों का आज पार्टी में इतना दबदबा बना हुआ है कि पार्टी अपने पुराने कार्यकर्ताओं को खो रही है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मेयर सीट पर उनकी जीत सुनिश्चित थी, लेकिन पार्टी के कुछ स्थानीय नेता नहीं चाहते थे कि उनको टिकट मिले। क्योंकि उन नेताओं को भविष्य में अपनी विधायकी व सत्ता की कुर्सी खिसकने का डर था। उन्हें अंतिम समय तक टिकट मिलने का झूठा आश्वासन दिया जाता रहा। वर्मा ने कहा कि वह निर्दलीय चुनाव लड़कर भाजपा को दिखाना चाहते है कि निर्दलीय प्रत्याशी का भी अपना एक वर्चस्व होता है।
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