अल्मोड़ा: जिले में बड़े पैमाने पर डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद अब सियासत तेज हो गयी है। डॉक्टरों के ट्रांसफर होने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने 2 जुलाई को मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन करने की चेतावनी दी है। वही, विपक्ष के इन आरोपों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए 49 नए चिकित्सकों की तैनाती का दावा किया है।
प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ योगेश पुरोहित ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया है कि स्थानांतरण के बदले जिले में 49 नए चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाएं प्रभावित नहीं होंगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनपद में विशेषज्ञ एवं सामान्य चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की गई है। इस नई टीम में कुल 49 चिकित्सकों को शामिल किया गया है, जिसमें 2 फिजिशियन, 3 शिशु रोग विशेषज्ञ, 2 ऑर्थोपेडिक सर्जन, 2 ईएनटी विशेषज्ञ, 2 पैथोलॉजिस्ट, 1 एनेस्थेटिस्ट, 1 नेत्र रोग विशेषज्ञ तथा 1 स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ जैसे 14 विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं।
इनके अलावा शेष एमबीबीएस चिकित्सकों को जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) तथा दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया गया है ताकि ग्रामीण स्तर पर भी चिकित्सा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी योगेश पुरोहित ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से जिले में उपचार सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। नई टीम के सहयोग से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा मरीजों को समयबद्ध एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर प्रयासरत रहेगा।
बहरहाल, एक तरफ जहां कांग्रेस डॉक्टरों के जाने से जिले में स्वास्थ्य ढांचे के कमजोर होने का तर्क देकर आंदोलन की राह पर है, वहीं दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी पर्याप्त अमला तैनात होने की बात कह रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ये 49 नए डॉक्टर कितनी जल्दी अपने-अपने केंद्रों पर कार्यभार संभालते हैं, ताकि दूरदराज के मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
India Bharat News Latest Online Breaking News