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उत्तराखंड में 1 और 2 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट, बढ़ सकती हैं मुश्किलें, प्रशासन हाई अलर्ट पर

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम के तेवर तल्ख होने लगे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य में आगामी 1 और 2 जुलाई को कई जनपदों में भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC) पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन के लिहाज से हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

 

​मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 1 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। वहीं पर्वतीय इलाकों में गर्जन-चमक के साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।

 

​मौसम का यह तेवर 2 जुलाई को भी बरकरार रहने वाला है। इस दिन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जनपदों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जनपदों में भी भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

 

राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों की 24 घंटे निगरानी करें। राहत और बचाव दलों को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग और संबंधित विभागों को स्पष्ट कहा गया है कि यदि बारिश या भूस्खलन के कारण कहीं भी सड़कें बंद होती हैं, तो उन्हें तुरंत खोलने की व्यवस्था की जाए।

 

​प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही से बचने के लिए सभी विभागीय अधिकारियों, नोडल अफसरों और आईआरएस प्रणाली से जुड़े अधिकारियों को अपने मोबाइल और संचार माध्यम निरंतर चालू रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाने, स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने और शहरी इलाकों में जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

 

​आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेश के नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोग मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जा रही एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें। सचिव ने लोगों से अनावश्यक यात्राओं से बचने का आग्रह किया है और कहा है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या संकट के समय तुरंत स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।

 

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