इंडिया भारत न्यूज डेस्कः ऋषिकेश में 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या (Ankita Murder Case) ने उत्तराखंड समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। रिसोर्ट के मालिक व बीजेपी नेता के बिगड़ैल बेटे की करतूत का जब अंकिता ने विरोध किया तो बदले में उसे मौत की सजा मिली।
अंकिता हत्याकांड में डीजीपी अशोक कुमार ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस प्रमुख अशोक कुमार ने बताया कि 19 साल की इस रिसेप्शनिस्ट पर रिजार्ट के मालिक द्वारा मेहमानों को विशेष सेवाएं प्रदान करने का दबाव डाला जा रहा था। डीजीपी ने कहा कि लड़की की अपने एक दोस्त के साथ हुई बातचीत से यह पता चल है।
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डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक अंकिता भंडारी के मोबाइल से मिले स्क्रीनशॉट से पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले हैं। जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि अंकिता पर गलत काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसी गलत काम के दबाव को लेकर आपस में झगड़ा हुआ होगा और उसके बाद इस जघन्य घटना को अंजाम दिया गया।
पहली नौकरी में एक महिना भी पूरा नहीं हुआ
परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के मकसद से अंकिता पौड़ी के गांव से ऋषिकेश आई थी। यहां वह वनन्तरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। उसे अपनी पहली नौकरी में एक महिना भी पूरा नहीं हुआ था कि उसके साथ यह अनहोनी हो गई।
अंकिता भंडारी का पोस्टमॉर्टम हुआ पूरा
बता दें कि पौड़ी के श्रीकोट की रहने वाली अंकिता गंगा भोगपुर क्षेत्र में वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी और 19 सितंबर से लापता थी। शनिवार सुबह उसका शव ऋषिकेश की चिल्ला नहर से बरामद किया गया। एम्स ऋषिकेश में अंकिता का पोस्टमॉर्टम किया गया। जिसके पूरा होने के बाद उसके परिजन शव लेकर चले गए।
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