द्वाराहाट (अल्मोड़ा): बग्वालीपोखर में माँ दूनागिरी सकल सनातन समिति बग्वालीपोखर के तत्वावधान में आयोजित हिंदू सम्मेलन में संस्कृति आधारित कार्यक्रमों की भव्य धूम रही। पूरे क्षेत्र में सनातन परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला।
सम्मेलन की शुरुआत रामलीला मैदान से निकली भव्य शोभायात्रा से हुई। शोभायात्रा मुख्य बाजार से होते हुए पुनः रामलीला मैदान पहुंची, जहां मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। शोभायात्रा में विभिन्न धार्मिक ध्वज, पारंपरिक वेशभूषा और जयघोषों के साथ क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर, विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, उत्तराखंड संस्कृति विभाग की सांस्कृतिक टीम तथा प्राइमरी पाठशाला नौलाकोट के नन्हे विद्यार्थियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भजन, कीर्तन और पारंपरिक लोकनृत्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को सजीव किया गया।
सम्मेलन में उपस्थित संतों और विद्वतजनों ने हिंदू दर्शन की मूल भावना—“वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः”—का उल्लेख करते हुए समाज में एकता, समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता के प्रसार का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि संगठित और सशक्त समाज ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है तथा ऐसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।
विशेष रूप से पारंपरिक परिधानों में बड़ी संख्या में पहुंची मातृशक्ति की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। महिलाओं ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और समाज में पारस्परिक प्रेम व एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन पंकज तिवारी ने किया। सम्मेलन को विभाग प्रचारक कमल, चंद्रशेखर शास्त्री, ज्योति साह मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित करते हुए भारत की सांस्कृतिक एवं सनातन परंपराओं के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संयोजक आशुतोष शाही, जिला प्रचारक बलबीर, जिला कार्यवाह खजान जोशी, प्रधानाचार्य हीरा सिंह मेहरा, मनोहर कोरंगा, महेंद्र पाल, महेश नेगी, अनिल शाही, गिरीश चौधरी, घनश्याम भट्ट, भूपेंद्र कांडपाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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