अल्मोड़ा। प्रसूता से मारपीट व नवजात की मौत मामले में जिलाधिकारी वंदना ने जांच कमेटी गठित कर दी है। उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, सीएमओ डॉ. आर.सी पंत, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल डॉ मनीषा पंत एवं महिला चिकित्साधिकारी, महिला अस्पताल डॉ हेमा पांगती रावत मामले की जांच करेंगे। डीएम ने जांच कमेटी को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी वन्दना ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि पीड़िता पूजा लोहनी द्वारा प्रसव के दौरान चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा एक वार्ड में बन्द कर उनके साथ मारमीट किये जाने व नवजात की मौत होने संबंधी गम्भीर आरोप लगाये गये है। डीएम ने इस घटना की जॉच हेतु जॉच समिति का गठन किया गया है।
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जिलाधिकारी ने जॉच समिति को घटना की गहनता से जॉच करते हुये सम्बन्धित पक्षों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिपिबद्ध करते हुए सुस्पष्ट मन्तव्य सहित विस्तृत जांच आख्या तीन दिन के अन्दर जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
ये था मामला-
बीते रविवार यानि 17 जुलाई को बागेश्वर जिले के ग्राम गैरीगाड़ काफलीगैर निवासी ख्याली राम व उनकी पत्नी कमला लोहनी प्रसव पीड़ा होने पर अपनी बहू पूजा लोहनी 24 साल को पीएचसी ताकुला लाएं। जहां रात करीब 12 बजे उसने बेटे को जन्म दिया। जिसके बाद डॉक्टरों ने जच्चा बच्चा दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन रात करीब 3 बजे एंबुलेंस से दोनों को महिला अस्पताल, अल्मोड़ा लाए। जहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया था। पीड़िता व उसके परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। पीड़िता का आरोप था कि प्रसव से पहले डॉक्टरों ने उसके साथ मारपीट की। वही, पीड़िता के ससुर ख्याली राम ने इलाज में लापरवाही के चलते नवजात की मौत होने का आरोप लगाया था। वही, पीएचसी ताकुला के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम सिंह राजपूत ने प्रसव के दौरान महिला द्वारा बिल्कुल भी सहयोग नहीं देने व महिला के परिजनों द्वारा अस्पताल में आग लगाने व उन्हें देख लेने की धमकी देने की बात कही थी।
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