नैनीताल: सरोवर नगरी से पर्यटकों की दबंगई का एक और मामला सामने आया है, जिसने बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ चालकों की ड्राइविंग और व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि एक पर्यटक ने रॉन्ग साइड से आकर एक स्थानीय युवक की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद आरोपित ने पहले तो तीन हजार रुपये देकर मामला वहीं रफा-दफा करने की कोशिश की और बाइक के नुकसान की भरपाई का वादा किया, लेकिन जब पीड़ित परिवार ने मौके पर ही पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया, तो आरोपी पक्ष ने उनका फोन तक छीन लिया, जिसे बाद में वापस किया गया।
विवाद बढ़ने पर उस समय तो आरोपित नुकसान उठाने के लिए तैयार हो गया, लेकिन असली समस्या तब शुरू हुई जब पीड़ित परिवार ने बाइक शोरूम से रिपेयरिंग का बिल आने के बाद उसे आरोपित को भेजा।
बिल देखते ही आरोपित पर्यटक अपनी बात से मुकर गया और पहले आधा पैसा देने का बहाना बनाने के बाद पीड़ित परिवार का नंबर ही ब्लॉक कर दिया।
इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपित पर्यटक अपनी गलती मानने के बजाय लगातार युवक पर ही तेज रफ्तार होने का आरोप मढ़ता रहा, जबकि युवक को आई मामूली चोटें साफ बयां करती हैं कि उसकी रफ्तार तेज नहीं थी।
जब पीड़ित परिवार ने दोबारा पर्यटक से संपर्क साधने की कोशिश की, तो उसने अपनी गलती सुधारने के बजाय उलटा परिवार पर ही दबाव बनाने का आरोप लगा दिया और रौब गांठते हुए धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर वह हादसे के तुरंत बाद मौके से भाग जाता, तो कोई उसे ढूंढ भी नहीं पाता।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या उत्तराखंड के लोगों के शांत और सीधे स्वभाव को कुछ बाहरी लोग उनकी कमजोरी समझने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पहाड़ों में पर्यटकों का हमेशा स्वागत है, लेकिन यहां की संवेदनशील सड़कों पर जिम्मेदारी, अनुशासन और इंसानियत दिखाना भी उतना ही जरूरी है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या उत्तराखंड के लोगों की सादगी और शांत स्वभाव को कुछ लोग कमजोरी समझने लगे हैं? घूमने आइए, पहाड़ आपका स्वागत करता है लेकिन यहां की सड़कों पर जिम्मेदारी और इंसानियत भी उतनी ही जरूरी है।
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