Breaking News
Oplus_131072

चोर मचाए शोर: अल्मोड़ा में फर्जी लैब सर्टिफिकेट पर लिया लाखों का लोन, शिकायत करने वाला कांग्रेस नेता ही निकला मुख्य साजिशकर्ता, 3 गिरफ्तार

अल्मोड़ा: कहते हैं जुर्म कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं। ऐसा ही एक बेहद चौंकाने वाला और फिल्मी अंदाज का मामला जिला मुख्यालय से सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों के दम पर बैंक को लाखों की चपत लगाने का एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे फर्जीवाड़े का सबसे हैरान कर देने वाला पहलू यह है कि जो शख्स खुद को पीड़ित बताकर पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचा था, जांच की परतें खुलीं तो वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला।

 

दरअसल, यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। लंबे समय तक बैंक प्रबंधन को इस फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी। लेकिन जब घोटाले की पोल खुलने का वक्त आया, तो खुद को कानून की नजरों से बचाने के लिए भंडारी गांव जैचोली सोमेश्वर निवासी कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष दिनेश नेगी ने एक चाल चली।

 

दिनेश नेगी ने 19 सितंबर 2025 को कोतवाली अल्मोड़ा में खुद तहरीर देकर दो लोगों ग्राम बग्वाली पोखर, द्वाराहाट निवासी सुनील सिंह पुत्र चन्दन सिंह और लोअर माल रोड निवासी धीरेन्द्र सिंह गैलाकोटी पुत्र राजेन्द्र सिंह गैलाकोटी पर आरोप लगाया कि इन दोनों ने उसकी फर्म जय गोलू ट्रेडर्स के नाम से कोटेशन बिल, लैब का फर्जी प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज लगाकर यूनियन बैंक की नगर शाखा से लाखों का लोन डकार लिया है। पुलिस ने शुरुआत में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

 

पुलिस की तफ्तीश में खुला राज

धारानौला चौकी प्रभारी एसआई आनन्द बल्लभ कश्मीरा ने जब मामले की गहराई से विवेचना की, तो पूरी कहानी ही पलट गई। पुलिस की तफ्तीश में जो सच सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए। आरोपियों ने नगर के ही एक व्यक्ति की असली लैब में जाकर बेहद शातिराना तरीके से वहां के असली प्रमाणपत्र की चोरी-छिपे फोटो खींची थी। इसके बाद असली लैब स्वामी का नाम हटाकर वहां कूटरचित तरीके से सुनील सिंह का नाम दर्ज कर दिया गया। इस फर्जी सर्टिफिकेट को बैंक में असली के तौर पर पेश किया गया और मई 2022 में लाखों रुपये का लोन पास करा लिया गया। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने रेंट एग्रीमेंट (किरायानामा) में भी फर्जी हस्ताक्षर किए थे और गवाह भी फर्जी खड़े किए थे।

जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो पाया कि शिकायत करने वाला कांग्रेस नेता दिनेश नेगी इस पूरे खेल में बराबर का साझेदार और साजिशकर्ता था। सच सामने आते ही मुकदमे में बीएनएस की धारा 61(2), 336, 338 और 340 की बढ़ोतरी की गई।

 

हाईकोर्ट से झटका और सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी

भांडा फूटता देख आरोपी सुनील सिंह और धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी। लेकिन न्यायालय ने दोनों को बड़ा झटका दिया और याचिका खारिज कर दी।​ जिसके बाद 19 मई को पुलिस ने साजिशकर्ता कांग्रेस नेता दिनेश नेगी, धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी और सुनील सिंह तीनों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी पूर्व में ग्राम प्रधान संगठन का जिलाध्यक्ष और सुनील सिंह एसएसजे​ परिसर का छात्र संघ अध्यक्ष रहा चुका है।

 

लैब संचालक ने भी दी तहरीर

इस बीच, जिस असली लैब के सर्टिफिकेट का इस्तेमाल इस जालसाजी में किया गया था, उसके संचालक ने भी अपनी साख और सर्टिफिकेट के दुरुपयोग होने पर आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि लैब संचालक की शिकायत और अब तक की जांच में आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। मामले की तह तक जाने के लिए जांच अभी भी जारी है और जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

Check Also

Big breaking: भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित, यहां देखे आदेश

देहरादून: वर्तमान मौसम की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए 1 सितंबर को जिले के समस्त …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *