अल्मोड़ा: अल्मोड़ा-कौसानी स्टेट हाईवे में महतगांव बाड़ी के पास विशालकाय चीड़ का पेड़ भरभराकर सड़क पर गिर गया। शुक्र है कि कोई वाहन पेड़ की चपेट में नहीं आया। जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सड़क के बीचों बीच पेड़ गिरने से हाईवे में यातायात बाधित हो गया है। सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंसे हुए हैं।
यह घटना सोमवार करीब 3:30 बजे की है। बताया जा रहा है कि जंगल की आग से पेड़ जड़ से जलकर खोखला हो चुका था। जिसके बाद वह भरभराकर आज सड़क पर गिर पड़ा। पर्यटन सीजन होने के चलते इस हाईवे में इन दिनों आवाजाही करने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में पेड़ अगर किसी वाहन पर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पेड़ गिरने की सूचना के बाद भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य महेश नयाल व आस पास के लोग घटनास्थल पहुंचे। लोगों ने पेड़ की टहनियों को हटाकर छोटे वाहनों के लिए आवाजाही शुरू कराई। हालांकि, सड़क के दोनों ओर कई वाहन अब भी फंसे हुए है।
जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक सड़क से पेड़ हटाने के लिए जेसीबी मशीन भेज दी गई है।
भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य महेश नयाल ने बताया कि सड़क किनारे कई स्थानों पर जर्जर और खतरनाक पेड़ खड़े है। जो तेज हवा, आंधी तूफान में कभी भी गिर सकते है। वनों में आग लगने के बाद कई पेड़ जलकर जड़ से खोखले हो गए हैं। जबकि कई स्थानों पर लैंडस्लाइड होने से पेड़ जड़ों से खाली होकर हादसे को दावत दे रहे है। जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कोई और दुर्घटना ना हो, वन विभाग को सड़क किनारे खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर कटान करना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से भी इस ओर ठोस प्रयास करने एव वर्षा ऋतु आगमन से पूर्व खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर काटने की मांग की है।
जिले में कई सड़कों के किनारों पर जर्जर, सूखे व खतरनाक स्थिति में खड़े पेड़ हादसों को दावत दे रहे है। बीते दिनों रानीखेत क्षेत्र में तीन जगहों पर पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जबकि एक दर्जन से अधिक लोग इन हादसों में घायल हुए थे। मामले में जिस तरह की उदासीनता व लापरवाही संबंधित विभागों द्वारा बरती जा रही है वह भविष्य में लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।
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