अल्मोड़ा: कैंटोनमेंट क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। शहीद सैनिक स्मारक पार्क पास आज एक वयस्क तेंदुए को पकड़ लिया गया है। लंबे समय से क्षेत्र में तेंदुआ सक्रिय था और कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका था।
स्थानीय लोगों की मांग पर वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगाया था। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर एनटीडी ले जाया जा रहा है। जहां आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
उत्तराखंड में जंगल लगातार सिमट रहे हैं। वन क्षेत्रों के भीतर और आसपास बड़े-बड़े रिजॉर्ट, होटल और वीवीआईपी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। ऐसे में तेंदुए, बाघ और अन्य जंगली जानवर भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करने को मजबूर हैं।
जानकारों का कहना है कि सरकार इस बढ़ती समस्या के समाधान के लिए अभी तक कोई प्रभावी और कठोर नीति लागू नहीं कर पाई है। उत्तराखंड में बाघ, तेंदुओं समेत अन्य जंगली जानवरों के हमलों में कई लोगों की जान चली गई। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो मानव और वन्यजीवों के बीच यह टकराव आने वाले वर्षों में और अधिक भयावह रूप ले सकता है।
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