इंडिया भारत न्यूज डेस्क: देश के एकमात्र आयुर्वेदिक कारखाने इंडियन मेडिसंस फार्मास्युटिकल कोरपरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) को निजीकरण से बचाने के लिए कर्मचारी संघ द्वारा फैक्ट्री गेट पर दो माह से दिए जा रहे धरने को बेअसर देखते हुए कर्मचारी संघ ने अब विपक्ष से आईएमपीसीएल को निजीकरण से बचाने की गुहार लगाई है। कर्मचारी संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिल्ली पहुंचाकर संसद परिसर स्थित लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी से मुलाकात कर इस मामले की सदन में उठाने की अपील की है।
शुक्रवार को 65वें दिन में प्रवेश कर गया है। कर्मचारी नेताओं ने कांग्रेस के नेताओं को कारखाने में चल रही निजीकरण की पूरी जानकारी देते हुए कहा कि निजीकरण की आड़ में कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटी हुई आईएमपीसीएल फैक्ट्री की बेशकीमती जमीन को भाजपा के वरिष्ठ नेता रामलाल अग्रवाल के भांजे संजय गुप्ता को कौड़ियों के भाव खुर्द बुर्द करने की लगातार साजिशें रची जा रही हैं। देश भर के सरकारी संस्थानों को निजीकरण के बहाने बरबाद करने के बाद केंद्र की भाजपा सरकार की कुदृष्टि आईएमपीसीएल पर लगी हुई है। इसके निजीकरण से न केवल इस पर आश्रित हजारों परिवारों के सामने रोटी का संकट पैदा होगा बल्कि बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं को पलायन का दंश भी झेलना होगा।
मुलाकात के दौरान कर्मचारी नेताओं ने दोनों नेताओं को अपना ज्ञापन भी सौंपा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कर्मचारी संगठनों से फैक्ट्री के सालाना मुनाफे, उसकी परिसंपत्तियों आदि की भी जानकारी हासिल करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि वह इस निजीकरण के खिलाफ संसद में आवाज उठाएंगे।
इस दौरान राहुल प्रियंका से मिलने वालों में संयोजक मयंक चौधरी, संरक्षक भगवती प्रसाद जोशी, अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत, सचिव भूपेंद्र सिंह अधिकारी, उपाध्यक्ष मोहम्मद अब्दुल नईम, सलाहकार प्रताप सिंह केसी, संगठन मंत्री कुमारी भाग्यश्री घले आदि शामिल रहे।
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