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लाट में वोटिंग के बीच जमकर चले लात-घूंसे, इस वजह से उपजा विवाद, पढ़े पूरी खबर

अल्मोड़ा। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बीच संवेदनशील बूथ लाट में जमकर बवाल हुआ। जहां मतदान को लेकर आपस में दो गुट भिड़ गए। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। बाद में जिला मुख्यालय से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इस मामले के बाद गांव में दिनभर तनाव का माहौल बना रहा।

ग्राम पंचायत लाट के बूथ को जिला प्रशासन व निर्वाचन विभाग द्वारा संवदेनशील श्रेणी में रखा गया है। यहां राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बूथ बनाया गया है। सोमवार सुबह से बूथ में शांतिपूर्वक मतदान चल रहा था। लेकिन दोपहर में गांव की एक बुजुर्ग महिला के वोट को लेकर ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। कुछ ही देर बाद मामला इतना बढ़ गया कि समर्थकों के दो गुटों के बीच मारपीट हो गई। दोनों के बीच जमकर लात-घूंसे चले और चप्पल, जूतों से एक दूसरे के साथ जमकर मारपीट की गई।

 

मामला बढ़ते देख बूथ में तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों ने कंट्रोल रूम में मामले की सूचना दी। जिसके बाद सीओ जीडी जोशी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस फोर्स के घटनास्थल पहुंचने तक काफी हद तक मामला शांत हो चुका था। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाया। जिसके बाद मामला शांत हुआ।

संवेदनशील बूथ की सुरक्षा सिर्फ एक महिला कांस्टेबल के भरोसे

अल्मोड़ा। प्राथमिक विद्यालय लाट पोलिंग बूथ में हुए हंगामे के बाद पंचायत चुनाव में पोलिंग बूथों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए है। संवेदनशील श्रेणी में होने के बावजूद लाट बूथ पर पुलिस विभाग से सिर्फ एक महिला जवान की डयूटी लगाई गई थी। और उनके साथ एक महिला होमगार्ड को डयूटी में तैनात किया गया था।

 

पंचायत चुनाव में पुलिस बल की भारी कमी बनी हुई है। चुनाव में पुलिसकर्मियों के साथ ही होमगार्ड, पीआरडी जवान, वनकर्मियों को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। 580 ग्राम पंचायतों के 632 बूथ बनाए गए है। जबकि पुलिस विभाग के पास कांस्टेबल व सब इंस्पेक्टर को जोड़कर करीब 400 सुरक्षाकर्मी ही हैं। ऐसे में कई बूथों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी होमगार्ड, पीआरडी व वनकर्मियों के हवाले है।

 

सीओ जीडी जोशी ने बताया कि लाट गांव में दो गुटों में मतदान को लेकर विवाद हुआ था। घटना की सूचना के बाद वें तत्काल फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचे। मामले में किसी भी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिली तो मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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