देहरादून: साल 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चाओं में आ गया है। यह हत्याकांड भाजपा सरकार के गले की फांस बना हुआ है। आमजन से लेकर राजनीतिक दलों तक सभी में जबरदस्त आक्रोश है। वही, उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद शुरू हुई वीआईपी कंट्रोवर्सी पर भाजपा को जवाब देते नहीं बन रहा है।
सोमवार को राज्यसभा सांसद और भाजपा वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने पार्टी व सरकार का पक्ष रखा। हालांकि, जब पत्रकारों ने नरेश बंसल से VIP कंट्रोवर्सी पर सवाल किए तो वो कोई सही जवाब नहीं दे पाए।
जब सवाल पूछा गया कि उर्मिला सनावर के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट किया गया, लेकिन सुरेश राठौर को क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है। उनके खिलाफ क्यों नहीं एनबीडब्ल्यू जारी हो रहा है? इस पर नरेश बंसल ने कहा कि, “मैंने पहले ही बताया है कि एक महिला है, जिसका पहले ही NBW (गैर-जमानती वारंट) हो चुका है। सुरेश राठौर के लिए भी दबिश दी जा रही है। दोनों के मिलने के बाद उनके बयान लिए जाएंगे, उसकी जांच होगी। यदि उसके बाद किसी और व्यक्ति का नाम भी आता है, तो उसे भी सरकार सलाखों के पीछे भेजने में कोई कोताही नहीं बरतेगी। केवल अफवाह फैसलाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना निंदनीय है। कल दिलाराम चौक पर हुई घटना भी निंदनीय है, जो राजनीति में पूरी तरह से नकारे जा चुके हैं, वो इस प्रकार का प्रयास कर रहे हैं। सरकार किसी भी प्रकार की जांच से न भाग रही और न पीछे हट रही है।”
नरेश बंसल से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि VIP कौन है? साथ ही VIP का मुद्दा जब अंकिता की चैट से आया तो आखिर यह सवाल इन्वेस्टिगेशन से गायब कैसे हो गया? इस पर नरेश बंसल कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि, एसआईटी ने पूरी जांच की है, उसके बाद कोर्ट ने माना है कि किसी भी प्रकार का कोई वीआईपी नहीं है। शनिवार को ही एसआईटी के सदस्य ने प्रेस वार्ता कर वीआईपी का सच भी बताया था। एसआईटी को जांच में वीआईपी से जुड़ी कोई चीज नहीं मिली। हो सकता है कि अंकित और पुलकित भविष्य के लिए अपनी कोई योजना बना रहे हों, उसमें उन्होंने कुछ कहा हो।
इसके बाद नरेश बंसल से कई और सवाल किए गए तो उन्होंने सवालों को नजरअंदाज किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर चले गए।
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