अल्मोड़ा: बिनसर वन्य जीव विहार वनाग्नि कांड की बरसी पर क्षेत्र में विभिन्न संगठनों और वन विभाग द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वन एवं पर्यावरण की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद वन कर्मियों को याद कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई।
इस दौरान ईना कोट में आयोजित विभिन्न सामाजिक और स्थानीय संगठनों की बैठक में वक्ताओं ने वनाग्नि नियंत्रण एवं शमन पर गहन विमर्श किया। बैठक में सरकार से मांग की गई कि शहीद वन कर्मियों के परिजनों को तुरंत स्थाई नियुक्ति दी जाए और हादसे में घायल कर्मचारियों को जांच हेतु दिल्ली जाने का यात्रा व्यय व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही दावानल नियंत्रण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने, फायरवाचरों की नियुक्ति 10 माह के लिए करने, वन विभाग व समुदाय के मध्य संवाद बढ़ाने, नई अग्निबटियाओ का निर्माण करने, संवेदनशील वन क्षेत्रों में नमी बनाए रखने हेतु चाल-खाल निर्माण करने तथा वन विभाग के किसी भी पौधारोपण में कम से कम 50 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुनील बराकोटी की अध्यक्षता और महासचिव मदन सिंह बिष्ट के संचालन में संपन्न हुई इस सभा को लोक प्रबंध विकास संस्था के संचालक ईश्वर जोशी, पारिस्थितिकी विकास समिति सुनौली के अध्यक्ष सुशील कांडपाल, पूर्व प्रधान अशोक भोज, संसाधन पंचायत के गीतांशु जोशी, चंपा मेहता, पूजा बोरा, हंसी पंत, राजेंद्र सिंह और रीता लोहनी आदि ने संबोधित किया।
दूसरी ओर, बिन्सर वन्य जीव विहार के प्रवेश द्वार पर स्थित स्वागत कक्ष में भी एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहाँ स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने एकजुट होकर वन शहीदों को नमन किया।
इस कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल, स्वाति थापा, अस्मिता सैनी, प्रशांत चंद, महेन्द्र सिंह मटेला, करन धामी, किरन तिवारी, रिंकी नेगी, अमन, नरेन्द्र सिंह जीना, भुवन चन्द्र पंत, भगवत सिंह भोज, कैलाश चन्द्र भट्ट, प्रकाश, मोहन चन्द्र जोशी, गोविन्द सिंह, अर्जुन सिंह, विपिन चन्द्र, भूपाल सिंह भोज और मोहन चंद्र जोशी सहित अनेक विभागीय कर्मी व स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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