अल्मोड़ा : महिला कल्याण संस्था का 36 वें दो दिवसीय महिला होलिकोत्सव का ऐतिहासिक मल्ला महल में रंगारंग शुभारंभ हो गया है। पहले दिन 15 महिला होली दलों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर रंग जमाया। होली गायन और नृत्य के अलावा महिलाओं ने स्वांग रच कर व्यवस्था और नगर में बंदर, कुत्ते, तेंदुओं के साथ ही नगर में जाम और क्वारब सड़क की बदहाली पर कटाक्ष कर वाहवाही बटोरी।
महिला कल्याण संस्था 1990 से लगातार संस्कृति, शगुन आंखर, मंगल गीत, मेले, तीज त्योहार, पारंपरिक परिधान, व्यंजनों के संवर्धन को काम कर रही है। सरकारी सहायता के बगैर संस्था का इस वर्ष महिला होलिकोत्सव मल्ला महल में शुरू हो गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने संस्था के प्रयास को संस्कृति संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सरकार से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। अध्यक्षता मेयर अजय वर्मा ने की। संचालन मीता उपाध्याय और पुष्पा सती ने संयुक्त रूप से किया। संस्था अध्यक्ष रीता दुर्गापाल ने सभी का आभार जताया।
पहले दिन प्रतियोगिता में देवी मंदिर खत्याड़ी, मां जगदंबा धारानौला, महिला सांस्कृतिक दल स्यूनराकोट, त्रिपुरा सुंदरी सहित नगर की 15 महिला टोलियों ने होली गायन, नृत्य और स्वांग की प्रस्तुतियां दी। मौजूद लोगों ने शानदार प्रस्तुतियां का आनंद लिया।
निर्णायक मंडल में वरिष्ठ रंगकर्मी नवीन बिष्ट, चंचल तिवारी, डॉ ललित मोहन जोशी, बृजमोहन तिवारी शामिल थे। प्रतियोगिता का परिणाम गुरुवार 26 फरवरी को घोषित होगा।
यहां होटल एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण वर्मा, त्रिलोक लटवाल, रंगकर्मी मनमोहन चौधरी, गीता साह, सुनैना महरा, राधिका जोशी, ममता चौहान आदि मौजूद रहे।
होली में स्वांग रचने की भी है समृद्ध परंपरा
होली पर्व में गायन और नृत्य के साथ हंसी ठिठोली और स्वांग रचने की भी समृद्ध परंपरा है। स्वांग के जरिए सामाजिक समस्या, कुरीतियों, नशाखोरी और व्यवस्था को लेकर कटाक्ष किया जाता है, ताकि जिम्मेदार समस्याओं का समाधान करें। महिला कल्याण संस्था के समारोह में महिलाओं ने स्वांग के जरिए कैंची धाम, क्वारब और नगर में जाम, बंदर, कुत्ते, तेंदुओं आदि समस्याओं को हास्य के जरिए उठा कर उनके सार्थक समाधान की मांग की।
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