अल्मोड़ाः दिल्ली सरकार में तैनात संयुक्त सचिव व डांडाकांडा स्थित प्लीजेंट वैली फाउंडेशन स्कूल का फाउंडर मेंबर ए.वी प्रेमनाथ पर नाबालिग छात्रा से दुराचार के प्रयास व छेड़खानी के आरोप मामले के सामने आने के बाद उपपा ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए है। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी तिवारी ने कहा कि साल 2010 में उपपा की मांग के बाद एडीएम के नेतृत्व में हुई जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की बात सामने आई थी। लेकिन आज तक इस मामले में ए.वी प्रेमनाथ व उसके साथ मिले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो सरकार व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान खड़े करता है।
मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए पी.सी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड में स्कूलों व संस्थाओं के नाम पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध तरीके से जमीनों की खरीद फरोख्त कर ऐशगाह व अय्याशी के अड्डे खोले जा रहे है और अब दिल्ली सरकार में संयुक्त सचिव पर तैनात ए.वी प्रेमनाथ के खिलाफ पाक्सो का का मामला दर्ज होना यह बताता है कि इसमें सरकार, प्रशासन और जिनके सामने यह घटना घटित हो रही थी उनकी मिलीभगत है।
तिवारी ने कहा कि अवैध तरीके से जमीन कब्जाने का मुकदमा होने के बाद भी प्रेमनाथ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से साफ पता चलता है कि सरकार भूमाफियों व रसूखदारों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज विकास और जमीनों की लूट के साथ पूरे राज्य में अराजकता पैदा की जा रही है।
उपपा नेता तिवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अंकिता हत्याकांड मामले में सरकार ने आरोपियों को बचाने व सबूतों को मिटाने के लिए रिसोर्ट पर रातो रात बुलडोजर चला दिया। लेकिन आज तक डांडाकांडा में बुलडोजर नहीं चलाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या धामी सरकार अवैध रूप से सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले इस नौकरशाह के ऐशगाह पर बुलडोजर चलाएगी?
उन्होंने कहा कि आज कोई भी राजनैतिक पार्टी इस मामले को लेकर बयान नही देती है। मंत्री, विधायक और सांसद भी मामले में चुप्ती साधे है। प्रदेश की जनता को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि उपपा पार्टी भूमाफिया के खिलाफ लगातार संघर्ष करते रहेगी।
तिवारी ने कहा कि डांडाकांडा में दिल्ली सरकार के अधिकारी के खिलाफ दर्ज उत्पीड़न के मामले में तत्काल अभियुक्त की गिरफ्तारी कर उसके खिलाफ गैंगस्टर व रासुका की कार्रवाई की जाए और इसके गिरोह में शामिल सभी लोगों की जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
प्रेसवार्ता में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी तिवारी के अलावा एडवोकेट गोपाल राम मौजूद रहे।
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