अल्मोड़ा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदान प्रक्रिया सम्पन्न हो गयी है। लेकिन कई मतदान केंद्रों पर अव्यवस्थाएं स्पष्ट रूप से दिखाई दीं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बार कई बूथ केंद्रों पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को किसी प्रकार का निर्देश न मिलने के कारण मतदान अधिकारियों के पहुंचने पर विद्यालयों में ताले लटके मिले। अधिकांश केंद्र विद्यालय परिसरों में बनाए गए थे। लेकिन वहां न तो समय पर चाबी उपलब्ध कराई गई और न ही चुनाव से जुड़ा कोई ज़िम्मेदार कर्मचारी उपस्थित था।
द्वाराहाट विकासखंड के मल्ली मिरई स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में भारी अव्यवस्था देखी गई। यहां 1577 मतदाताओं के लिए विद्यालय में तीन बूथ बनाए गए। जबकि भवन में केवल दो कक्ष उपयोग योग्य थे। तीसरे बूथ के लिए स्मार्ट क्लास रूम को आनन-फानन में तैयार किया गया। विद्यालय के पास ही जूनियर हाईस्कूल और पंचायत घर जैसी उपयुक्त जगहें होते हुए भी इन्हें नजर अंदाज किया गया।
ब्लॉक निर्वाचन कार्यालय ने बिना जाँच पड़ताल के मिरई के प्राथमिक विद्यालय में तीन मतदान केंद्र बना दिये। चुनाव से जुड़े अधिकारियों ने यह भी देखना उचित नहीं समझा कि बूथ लेबल पर क्या व्यवस्था है। इस अव्यवस्था के चलते विद्यालय के जरूरी सामान को भी इधर-उधर अव्यवस्थित स्थिति में रखना पड़ा।
ग्रामीणों और मतदान अधिकारियों को बूथों की भीड़ और असुविधा का सामना करना पड़ा। लोगों ने चुनाव आयोग व जिला प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार प्रशासनिक समन्वय बेहद कमजोर रहा। स्थानीय ग्रामीणों ने चुनाव आयोग से माँग की है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही से बचा जाए और मतदान केंद्रों का निर्धारण जमीनी सच्चाई के आधार पर किया जाए।
निर्वाचन अधिकारी प्रभात रंजन ने बताया कि बूथ निर्धारण का कार्य ब्लॉक एवं जिला स्तर पर होता है। भविष्य के लिए सुझाव आएंगे तो निर्वाचन एवं शासन स्तर पर अवगत कराया जाएगा।
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