देहरादून: जिलाधिकारी के सख्त निर्देश हैं कि जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर क्षम्य नही होगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की हिलाहवाली स्वीकार्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिले के विकास खंड डोईवाला ग्राम इठारना, तहसील ऋषिकेश में एक दिसबंर 2025 को बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया था। जिसमें प्राप्त शिकायतों के क्रम में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की।
ग्राम पंचायत गौहरी माफी निवासी प्रदीप सिंह पुत्र स्व. भगत सिंह द्वारा अपने पिताजी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने तथा बलबीर सिंह रावत पुत्र स्व. चन्दन सिंह द्वारा अपनी माता स्व. जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न किए जाने संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी।
प्रकरण में में उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश के पत्र के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश निर्गत किए गए थे। जिसके बाद कार्यालय द्वारा सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकासखंड डोईवाला को निर्देशित किया गया कि प्रकरण पर तीन दिवस के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराएं।
इसके बावजूद पंचायतराज स्तर पर समयबद्ध कार्यवाही न किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी को प्राप्त हुई। शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों पर अपेक्षित कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण के निस्तारण तक जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिसके फलस्वरुप जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई।
वेतन रोकने की कार्रवाई के बाद संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत गौहरी माफी द्वारा प्रदीप सिंह के पिता स्व. भगत सिंह तथा बलबीर सिंह रावत की माता स्व. जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र 8 फरवरी को जारी कर दिया गया है। प्रकरण के निस्तारण के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर लगी रोक हटाए जाने के संबंध में पत्रावली उच्च स्तर पर प्रस्तुत की गई है।
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