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IMPCL दवा फैक्ट्री के निजीकरण और कुमाऊं की बदहाल यातायात व्यवस्था पर बरसे हरीश रावत, इस दिन करेंगे मौन उपवास

अल्मोड़ा: पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने जिले के मोहान स्थित इंडियन मेडिसिंस फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) ड्रग फैक्ट्री के निजीकरण को लेकर राज्य व केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। रावत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी संपत्तियों को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस इस मामले में एक बड़ा जनांदोलन शुरू करेगी।

 

पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यह फैक्ट्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की दूरगामी सोच की देन है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्तमान में जो फैक्ट्री करीब 2 करोड़ रुपये का शुद्ध आर्थिक लाभ कमा रही है, जिसकी 50 करोड़ रुपये की एफडी है और जिसे जीएसटी रिटर्न के रूप में 40 करोड़ रुपये मिलने बाकी हैं, उसे आखिर किसी उद्योगपति को बेचने की जरूरत क्यों पड़ रही है? सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।

 

रावत ने चिंता जताते हुए कहा कि इस फैक्ट्री से प्रत्यक्ष रूप से करीब 1 हजार और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 20 हजार लोग जुड़े हुए हैं। अगर सरकार इसे किसी पूंजीपति को बेचती है, तो फैक्ट्री पर निर्भर हजारों परिवार सड़क पर आ जाएंगे और बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार की इस मनमानी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वह आगामी 31 मई को एक घंटे का मौन उपवास करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कुमाऊं भर के आम जनमानस और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि जो व्यक्ति जहां भी है, वहीं से इस विरोध में शामिल होकर एक घंटे का उपवास रखे।

 

कुमाऊं की यातायात व्यवस्था पर सरकार विफल

फैक्ट्री के मुद्दे के अलावा पूर्व सीएम ने पहाड़ की लाइफलाइन कहे जाने वाले अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे की बदहाली को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पिछले 4 सालों में कैंची धाम में लगने वाले भीषण जाम और क्वारब डेंजर जोन में लगातार हो रहे भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान निकालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। रावत ने कहा कि केवल बाईपास का निर्माण इस समस्या का हल नहीं है, बल्कि सरकार को अविलंब वैकल्पिक मार्ग तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विकराल होती समस्या के चलते अल्मोड़ा समेत बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है और स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस ने पूर्व में भी इस मामले को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया था और यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी एक बार फिर सड़कों पर उतरेगी।

 

राहुल गांधी की रैली होगी ऐतिहासिक

पूर्व सीएम हरीश रावत ने अल्मोड़ा में 4 जून को होने वाली कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली की तैयारियों का खाका सामने रखा। उन्होंने बताया कि रैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बैठकें कर कार्यकर्ताओं को इसे ऐतिहासिक बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उन्होंने कहा कि नेहरू और गांधी परिवार का कुमाऊं, विशेषकर अल्मोड़ा की भूमि से एक बेहद गहरा और व्यक्तिगत रिश्ता रहा है। राहुल गांधी आज देश में लोकतंत्र की बुलंद आवाज हैं और जनता इस तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर अपने नेता के विचारों को सुनने के लिए भारी संख्या में रैली में पहुंचेगी।

 

उद्योगपतियों पर मेहरबान भाजपा सरकार: यशपाल

पत्रकार वार्ता में मौजूद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी सरकार को भ्रष्टाचार और उद्योगपतियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के मुद्दों पर जमकर घेरा। उन्होंने सरकार की पर्यटन विकास की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार लगातार उद्योगपतियों को संरक्षण देने का काम कर रही है। सरकार ने मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट की हजारों करोड़ रुपये की बेशकीमती 792 बीघा भूमि को पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण की कंपनी को औने-पौने दामों पर बेच दिया है। इस कीमती जमीन को महज 1 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से 15 साल के लिए लीज पर दे दिया गया है, जो सीधे तौर पर बड़ा घोटाला है।

आर्य ने आगे कहा कि केंद्र सरकार संविधान को कमजोर करने और इतिहास को मिटाने की कोशिशों में जुटी हैं। आज उत्तराखंड में पलायन की तस्वीर इतनी डरावनी हो चुकी है कि 1200 से अधिक गांव पूरी तरह खाली होकर भुतहा गांव घोषित हो चुके हैं, जबकि 1700 से अधिक सरकारी स्कूलों में ताले लटक चुके हैं। जंगली जानवरों का आतंक चरम पर है और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन सरकार के पास इससे निपटने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है।

 

पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, डी.के जोशी, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, प्रकाश चंद्र जोशी, तारा चंद्र जोशी और राजेंद्र बाराकोटी आदि मौजूद रहे।

 

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