अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य के रजत जयंती समारोह के अवसर पर बिपिन त्रिपाठी कुमाउं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी) द्वाराहाट में सतत विकास के लिए हरित ऊर्जा विकास पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा, सततता और पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं में नवाचार और जागरूकता को बढ़ावा देना था।
संगोष्ठी में पंजाब तकनीकी विवि, जालंधर के डॉ. आरएस वालिया, आईआईटी रुड़की के डॉ. राहुल मौलिक और एनआईटी उत्तराखंड के डॉ. हितेश शर्मा ने सतत विकास के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखते हुए ऊर्जा संरक्षण, ऊर्जा दक्षता प्रणालियों और तापीय प्रदूषण व पर्यावरणीय क्षरण को कम करने के लिए कुशल ऊर्जा उपयोग और तकनीकी नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने पॉलिमर के जिम्मेदाराना उपयोग और प्लास्टिक से बचने के टिकाऊ विकल्पों और प्लास्टिक प्रदूषण के पर्यावरणीय परिणामों पर प्रकाश डाला।
इससे पूर्व निदेशक प्रो. संतोष कुमार हम्पन्नावर ने अतिथियों का पारंपरिक कुमाउंनी टोपी, गुलदस्ता और शॉल भेंट कर स्वागत किया। संचालन राजेश मेहता और डॉ. श्वेता रावत ने सयुंक्त रूप से किया। इस मौके पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दर्शकों ने खूब आनंद उठाया।
यहां पूर्व कुलपति प्रो. आरके सिंह, पूर्व निदेशक प्रो. सत्येंद्र सिंह, प्रो. केएस वैसला, प्रो. लता बिष्ट रजिस्टार डॉ. रवि कुमार, डॉ. कपिल चौधरी, डॉ. स्वेता रावत, डॉ आरके भारती, डॉ. मयंक, डॉ. अंशुमान डॉ. आरके पांडेय, डॉ. अंशुमान मिश्रा, डॉ. कुलदीप खोलिया डॉ सचिन गौर, डॉ आरपी सिंह, डॉ. आरके पांडेय, डॉ. अर्चना, दीपक हर्बोला, हरीश पंत, निखिल उपाध्याय, प्रदीप अधिकारी, भीम आदि मौजूद रहे।
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