अल्मोड़ा: उत्तराखंड की सबसे पुरानी व प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा मंगलवार को जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व भाजपा नेता त्रिलोक लटवाल ने अपने कई समर्थकों के साथ यूकेडी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने सभी नये सदस्यों को फूल मालाओं से स्वागत किया।
नगर स्थित एक होटल सभागार में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में उक्रांद युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष पूरन कठायत के अलावा पार्टी के कई स्थानीय नेताओं व भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी नेताओं ने भू कानून, मूल निवास, जल, जंगल, जमीन, स्थाई राजधानी गैरसैंण, स्थानीय बोलियों को संवैधानिक दर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी और कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया।
यूकेडी के फायर ब्रांड युवा नेता आशीष नेगी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से सत्ता में राज करने वाली राजनीतिक पार्टियों ने पहाड़ की उपेक्षा करने का काम किया है। स्थाई राजधानी का सवाल आज तक हल नहीं हो पाया है। राज्य में बेरोजगारों की लंबी फौज खड़ी है। नकल माफिया युवाओं का भविष्य बेच रहे है। स्थानीय युवाओं का हक छीनकर बाहरी राज्यों के लोगों को नियुक्तियां दी जा रही है। प्रदेश के संसाधन सत्ता के संरक्षण में पल रहे चंद लोगों के हाथों में सौंपे जा रहे है। राज्य में आज भी ऐसे अस्पताल नहीं है, जहां लोगों का ठीक से उपचार हो सके। सरकारी स्कूल लगातार बंद हो रहे हैं लेकिन निजी स्कूले हर गली मोहल्ले में धड़ल्ले से खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस ने देवभूमि को सिर्फ लूटने का काम किया है। और यहां की भोली भाली जनता से छल करने का काम किया है। लेकिन जनता अब इनके खेल का अच्छे से समझ चुकी है। इसलिए समाज के हर वर्ग से लोग उक्रांद पर विश्वास जताते हुए दल के साथ जुड़ रहे है।
नेगी ने कहा कि जनता के सहयोग व प्यार से उक्रांद लगातार मजबूत स्थिति की ओर बढ़ रही है। वर्तमान में पार्टी की करीब 4 हजार बूथों पर सदस्यता हो चुकी है। सभी 11 हजार बूथों पर जल्द यह कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उक्रांद 2027 विधानसभा चुनाव खुद के दम पर अकेली लड़ेगी। यूकेडी का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी क्षेत्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा। लेकिन राज्यहित में जो भी पार्टी उक्रांद में शाामिल होना चाहती है, उनका स्वागत किया जाएगा।
उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष पूरन सिंह कठायत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य पलायन की मार झेल रहा है। खासतौर पर पर्वतीय जिलों में गांव के गांव खाली हो चुके हैं। अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के लिए लोग गांव छोड़कर शहर व महानगरों का रूख कर रहे हैं। लेकिन सत्ता में रहने वाली सरकारें पलायन रोकने के लिए कोई ठोस नीति नहीं ला पाए। सरकार द्वारा संचालित तमाम योजनाओं का लाभ भी सुदुर ग्रामीण क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाता है।
पार्टी का आदेश हुआ तो लड़ूंगा चुनाव: लटवाल
अल्मोड़ा: उत्तराखंड क्रांति दल की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में त्रिलोक लटवाल ने कहा कि उत्तराखंड का गठन एक पर्वतीय व हिमालयी राज्य के रूप में हुआ था। शहीदों व राज्य आंदोलनकारियों के तमाम संघर्षों से इस राज्य का गठन हुआ। लेकिन राज्य गठन हुए 25 बरस बीत गए, पर्वतीय राज्य की अवधारणा साकार नहीं हो सकी। जिसके लिए पूरी तरह भाजपा व कांग्रेस की सरकारें जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से रिमोर्ट कंट्रोल से चलने वाली सरकारें कभी भी पहाड़ी राज्य का भला नहीं कर सकती। प्रदेश के विकास के लिए जरूरी हो गया है कि लोगों को क्षेत्रीय पार्टी को मजबूत करते हुए उसके साथ खड़े होने की जरूरत है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का आदेश होगा तो वह 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी आगे जो भी जिम्मेदारी उन्हें सौंपेगी, वह उस पर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।
इन लोगों ने ली उक्रांद की सदस्यता
पूर्व सैनिक पूरन सिंह, गोविंद दुर्गापाल, मनोज लटवाल, चंदन लटवाल, धीरज खोलिया, कृष्ण नेगी, नरेंद्र बिष्ट, प्रताप लटवाल, दीपा लटवाल, राजेंद्र लटवाल, गीता लटवाल, अर्चना लटवाल, पान सिंह, दौलत सिंह, किशन सिंह, मनोज सिंह मटेला, तारीख कुरैशी, संजय लटवाल, सुंदर सिंह लटवाल, देवेंद्र रावत, मनोज मटेला, किशन नेगी, मदन रावत, नरेंद्र बिष्ट, कुंदन प्रसाद, मोहन बजेठा, दीप मटेला समेत कई लोगों ने यूकेडी की सदस्यता ग्रहण की।
कार्यक्रम के समापन के बाद यूकेडी कार्यकर्ताओं ने शिखर तिराहे से चौघानपाटा तक जुलूस निकाला। गांधी पार्क में उक्रांद नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मिष्ठान वितरण किया गया।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, शिवराज बनौला, युवा प्रकोष्ठ के राजा बिष्ट, अमित रावत, नरेंद्र रावत, अवतार सिंह, रोशन नेगी, गोपाल मेहता, मुमताज कश्मीरी, पान सिंह लटवाल, मोहित शाह, दीपा जोशी, नरेंद्र सिंह बिष्ट, रघुवर सिंह भाकुनी, आनंद बोरा, विनोद बोरा, पंकज सिंह, देवेश जोशी, किरण मेहरा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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