अल्मोड़ा: जिले के सेला गांव स्थित प्रसिद्ध माँ चण्डिका देवी मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का नौवां दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया। 17 जून से शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर देवी महिमा का रसपान कर रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।
कथा के नौवें दिन सुप्रसिद्ध कथावाचक भास्करानंद जोशी ने भक्तों को भाव-विभोर करते हुए कहा कि माँ भगवती की भक्ति मनुष्य के जीवन से भय, दुख और अज्ञानता को पूरी तरह नष्ट कर देती है। देवी भागवत केवल एक कथा नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को धर्म, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलाने की प्रेरणा देने वाला एक दिव्य ग्रंथ है। जहां श्रद्धा, सेवा और सत्संग होता है, वहां साक्षात देवी शक्ति का वास होता है।
कथा के दौरान उन्होंने शक्ति उपासना, धर्म के महत्व और मानव जीवन में संस्कारों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य ईश्वर भक्ति, परोपकार और सत्कर्मों के जरिए समाज का कल्याण करना है।
कथा के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह से भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। संगीतमय भजनों और दिव्य प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए और भाव-विभोर होकर झूमने लगे।
आयोजन के मुख्य आयोजक बिनवाल परिवार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भव्य कथा ज्ञान यज्ञ का समापन कल यानी 26 जून को होगा। समापन के अवसर पर सुबह विशेष हवन-पूजन किया जाएगा, जिसके बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
आयोजक परिवार ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कल अधिक संख्या में मंदिर परिसर पहुंचकर कथा का प्रसाद ग्रहण करें और माँ चण्डिका देवी का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करें।
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