अल्मोड़ा: दन्या क्षेत्र में चंद्रशेखर की बेरहमी से हत्या मामले में फरार बेटी-दामाद को पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार कर लिया है। 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की कड़ियों को जोड़कर पुलिस ने सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे इन शातिर हत्यारों को दबोचने में कामयाबी हासिल की।
क्या था पूरा मामला
थाना दन्या के अंतर्गत ग्राम सैली (तापनी) निवासी नारायण दत्त ने बीते 22 जून को तहरीर दी कि 20 जून की रात को उनके पुत्र चंद्रशेखर पर उनके ही दामाद धर्मवीर शर्मा, निवासी हांसी, हरियाणा, पुत्री जानकी पाण्डे और पत्नी खष्टी देवी ने एकराय होकर दराती से जानलेवा हमला किया। गंभीर रूप से घायल चंद्रशेखर की 21 जून को हल्द्वानी में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 103(1), 3(5), 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी खष्टी देवी की इस घटना में संलिप्तता नहीं पाई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ बलवन्त सिंह रावत के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष दन्या दिनेश नाथ महंत के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश में दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
आरोपियों द्वारा अपराध में इस्तेमाल की गई कार संख्या- HR 21 T 0835 FRONX को पुलिस ने 23 जून को हिसार, हरियाणा से बरामद किया। इसके बाद सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से 25 जून को इन दोनों के कटरा, जम्मू-कश्मीर में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस ने कटरा पुलिस से समन्वय स्थापित कर 26 जून को दोनों आरोपियों को दबोच लिया और ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दन्या थाने पहुंची।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि मृतक चंद्रशेखर शादी से पहले अपनी बेटी जानकी पाण्डे के साथ अत्याचार करता था, जिससे जानकी और उसका पति धर्मवीर शर्मा उससे रंजिश रखते थे। वे पिछले एक महीने से हत्या की योजना बना रहे थे। दन्या आने के पैसे न होने के कारण धर्मवीर ने अपनी सोने की अंगूठी और जानकी ने अपना मंगलसूत्र व कान के झुमके बेचे। इसके बाद वे कार से गांव आये और चंद्रशेखर पर दराती से वार किया गया और बाद में उसे मृत समझ वहां से फरार हो गए।
आरोपी के खिलाफ पूर्व में दर्ज हैं 12 मुकदमे
पुलिस ने आरोपी धर्मवीर शर्मा का आपराधिक इतिहास खंगाला, तो उसके खिलाफ पहले से ही हरियाणा के विभिन्न थानों में लूट, मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास जैसे 12 गंभीर मुकदमे दर्ज पाए गए।
पुलिस टीम में दन्या थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत के अलावा लमगड़ा थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक, चौकी प्रभारी जागेश्वर कमित जोशी, मोरनौला चौकी प्रभारी नरेश कोहली, एसओजी प्रभारी सुनील धानिक समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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