अल्मोड़ा: ताड़ीखेत विकासखंड के पवित्र बिनसर महादेव धाम के सोनी देवलीखेत और जालीखान में शराब की दुकानें खोलने के विरोध में कृषक कृषि बागवानी और उद्यमी संगठन के महासचिव दीपक करगेती तीसरे दिन भी क्रमिक अनशन पर डटे रहे। बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पवार, भू कानून मूल निवास समन्वय समिति के संयोजक मोहित डिमरी और सह संयोजक लुशन टोडोरिया ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
बॉबी पंवार ने कहा सरकार देवभूमि को दानव भूमि के रूप में परिवर्तित करने को आतुर है। जब गुजरात में पूर्ण रूप से शराब बंद हो सकती है तो देवभूमि में क्यों नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को प्रदेश भर में ले जाएंगे।
भू कानून मूल निवास समन्वय समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा सरकार देवभूमि से उसकी वास्तविक पहचान छीन लेना चाहती है। सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ कोई बोल ही न पाए, इसलिए युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है। शराब विरोध में प्रदेशभर में अब बिनसर धाम की पवित्र भूमि से ही जन आंदोलन प्रारंभ होगा।
दीपक करगेती ने कहा कि जहां गौशालाएं खोलकर देवताओं के निवास स्थान को पवित्र करना था, वहां अब मधुशालाएं खोलकर सरकार आसुरी ताकतों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। स्थानीय विधायक केवल फेसबुक मीडिया में ही गुमराह करने के लिए सीएम को दिया पत्र साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक यदि इतने ही गंभीर हैं तो अपना नशा हटाओ, पलायन रोको के बैनर लेकर हमारे साथ आएं।
इस दौरान ऋषिकेश से दिनेश मास्टर और पूर्व सैनिक संगठन से आलोक चौहान के अलावा हेमंत रौतेला, हिमांशु आर्या, ग्राम प्रधान विक्रम उपाध्याय, मंजू देवी, खेम चंद्र उपाध्याय, विपिन उपाध्याय, देवकी देवी, गंगा देवी, राधा देवी, भावना देवी, गीता देवी, रेवती देवी, जानकी नगरकोटी, हेमा देवी, प्रदीप उपाध्याय, हेमन्त उपाध्याय, कमल नगरकोटी, पूर्व प्रधान डाबर नैन सिंह, जानकी आदि ने समर्थन दिया।
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