अल्मोड़ा: उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने मिनिस्ट्रीयल संवर्ग को कक्षाओं के निरीक्षण, उप व खंड शिक्षा अधिकारी तथा आहरण वितरण अधिकारी के प्रभार देने संबंधी प्रस्ताव प्रेषित करने का विरोध किया है। मामले में पुनर्विचार नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शिक्षक भवन लक्ष्मेश्वर में रविवार को जिला कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला मंत्री जगदीश भंडारी ने कहा कि उप शिक्षा अधिकारी या खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व दिया जाना है, तो शिक्षक संवर्ग से दिया जाना चाहिए। क्योंकि इस पद पर कार्य करने के लिए शिक्षा पेडागोजी कि जानकारी होना जरूरी है। बिना पेडागोजी के ज्ञान से शैक्षिक अनुसमर्थन व संवर्द्धन करना सार्थक नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक संवर्ग में उप शिक्षा अधिकारी विकासखंड स्तर का सर्वोच्च पद है। पूर्व में विकासखंड के वरिष्ठ प्रधानाचार्य को यह पद देने की व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्रियल कार्मिकों को प्रभारी खंड या उप शिक्षा अधिकारी का दायित्व देने का संगठन कड़े शब्दों में विरोध करता है।
भंडारी ने कहा कि उप शिक्षा अधिकारी का प्रभार प्राथमिक शैक्षिक संवर्ग से ही मिलना चाहिए। इस तरह के प्रस्ताव से वर्तमान में विभाग एवं सरकार की ओर से शिक्षकों का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों के अधिकारों का हनन है, जो विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। अगर इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार नहीं किया जाता है तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी।
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