अल्मोड़ा। राजकीय पॉलिटेक्निक जैंती में सिविल ट्रेड को बंद कराने के आदेश के बाद छात्र और स्थानीय लोग विरोध में उतर आए है। मंगलवार को ग्रामीणों एवं छात्र छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया। पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी धरने को समर्थन दिया। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
कांग्रेस नेता कुंजवाल ने कहा कि सरकार किसी की भी हो, अगर जनता से जुड़े संस्थाओं को बंद किया जाता है तो स्थानीय लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन 15 पॉलिटेक्निकों के ट्रेंड बंद किए गए है, वह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार छात्र संख्या कम होने का हवाला देकर अपनी कमियों को छुपाने का काम कर रही है। सरकार को चाहिए कि वह पॉलिटेक्निकों में पूर्ण स्टाफ व अन्य सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शीघ्र अपना यह निर्णय नहीं बदला तो जनाक्रोश भड़केगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि जैंती पॉलिटेक्निक में वर्तमान में आठ युवाओं ने प्रवेश ले लिया था। अब उनसे अन्य संस्थाओं में जाने की बात कही जा रही है। सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान व्यापार मंडल जैंती ने धरने को समर्थन दिया और विरोध में दुकानें बंद रखी।
धरना प्रदर्शन में पूर्व चेयरमैन डीसीबी प्रशांत भैसोड़ा, पूर्व ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह मेर, जिला महामंत्री कांग्रेस दीवान सतवाल, दीवान सिंह भैसोड़ा, देवेंद्र बिष्ट, नवीन कोहली, गिरीश जोशी, दीवान सिंह बोरा, रमेश सिंह बिष्ट, भुवन गहरवाल, प्रताप राम, मोहन सिंह कुंजवाल, प्रदीप बिष्ट, माया बर्गली, विक्रम सिंह बिष्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।
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