अल्मोड़ा। ऐतिहासिक व सांस्कृतिक नगर अल्मोड़ा अपनी पटाल संस्कृति समेत कई खूबियों के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी मशहूर है। यहां की ऐतिहासिक इमारतें, शिल्प कला व ताम्र उद्योग समृद्ध संस्कृति के प्रतीक हैं। इसके अलावा यह नगर अपनी लोक संस्कृति के लिए जाना जाता है। सांस्कृतिक नगर की पहचान को जिंदा रखने के लिए डीएम आलोक कुमार पांडेय ने एक और पहल शुरू की हैं। नगर की पटाल बाजार व अन्य जगहों पर हर सप्ताह गुरुवार व शनिवार दो दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें सांस्कृतिक दल व लोक गायक कुमाउंनी संस्कृति की कला के रंग बिखेरेंगे।
यहां निगम सभागार में आयोजित बैठक में कार्यक्रम की रुपरेखा तय करने के लिए गहन विचार विमर्श किया गया। जिसमें जिला प्रशासन, व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन समेत अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी से सुझाव लिए गए। डीएम आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि सांस्कृतिक नगर अल्मोड़ा की पहचान को जीवंत रखने के लिए यहां की सांस्कृतिक गतिविधियों व रीति रिवाजों का विकास जरूरी है। यह पहल यहां की संस्कृति को नई पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि देश विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पर्यटन को संस्कृति के जोड़ते हुए ऐसी गतिविधियों से देश विदेश में संस्कृति का प्रचार प्रसार होगा।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक सप्ताह गुरुवार व शनिवार को शाम 4 से 6 बजे तक नगर की पटाल बाजार व चौघानपाटा में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसका आगाज राज्य स्थापना दिवस से होगा। फिलहाल कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है।
बैठक में सीडीओ दिवेश शाशनी, एसडीएम जयवर्धन शर्मा, ईओ भरत त्रिपाठी, प्रभारी निदेशक राजकीय संग्रहालय डॉ. चंद्र सिंह चौहान समेत व्यापार मंडल के पदाधिकारी व कई अधिकारी मौजूद रहे।
India Bharat News Latest Online Breaking News