अल्मोड़ा। अल्मोड़ा से पनार तक सड़क सुधारीकरण व चौड़ीकरण की घोषणा सालों बाद भी अधूरी है। अल्मोड़ा वाया दन्या सड़क पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिले को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। साथ ही सामरिक और आर्थिक दृष्टि से भी यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है। दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों की घोषणा के बावजूद कार्य के धरातल पर नहीं उतरने से स्थानीय लोगों में निराशा व आक्रोश है।
अत्यंत संकरी और सिंगल लेन अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ एनएच 309 बी के राज्य निर्माण के समय से ही चौड़ीकरण की मांग उठती रही है। अटल बिहारी सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री रहे भुवन चंद्र खंडूड़ी ने तत्कालीन प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रही डॉ. इंदिरा हृदयेश की मौजूदगी में अल्मोड़ा में आकर मार्ग सुधार का शिलान्यास किया था, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहते भुवन चंद्र खंडूड़ी ने पिथौरागढ़ में इस मार्ग की चौड़ीकरण के लिए 47 लाख रुपए की घोषणा की थी। सरकार बदल जाने के बाद यह घोषणा फाइलों में ही सिमट गई। बाद में इस सड़क के नेशनल हाईवे के पास आ जाने से लोगों को सड़क सुधार की उम्मीद जगी।
चार जनवरी 2022 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भाजपा की विजय संकल्प यात्रा समापन पर खटीमा पहुंचे थे। वहां सभा में उन्होंने अन्य सड़कों के अलावा अल्मोड़ा रामेश्वर (पनार) मार्ग को टू लेन बनाने की घोषणा की और छह महीने में कार्य के शिलान्यास का वादा किया था। दो महीने बाद गडकरी की घोषणा को चार साल बीत जाएंगे, लेकिन अब तक एक इंच भी काम आगे नहीं बढ़ सका है।
स्थानीय सांसद और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा से लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री इस सड़क के जल्द सुधार को बार बार दावे करते रहे हैं, लेकिन दावे धरातल पर उतर नहीं रहे हैं। अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। लोग पूछ रहे हैं दावे तो सुर्खियों में सही हैं, लेकिन काम कब शुरू होगा? इसका जवाब न तो केंद्रीय राज्यमंत्री के पास है और न ही नेशनल हाईवे के अधिकारी जवाब दे रहे हैं कि आखिर चौड़ीकरण का काम कब शुरू होगा।
अल्मोड़ा से पनार तक डबल लाइन प्रोजेक्ट के लिए धन की कमी नहीं है। चौड़ीकरण की प्रक्रिया के तहत काम चल रहा है। प्रथम चरण में सर्वे हो गया है। मार्ग की एलाइनमेंट पत्रावली तैयार की जा रही है। एनएच इस पत्रावली को केंद्रीय मंत्रालय को भेजेगा। मंत्रालय से एलाइनमेंट स्वीकृति के बाद सड़क चौड़ीकरण, निजी और वन भूमि, नए पुल और कल्वर्ट निर्माण, मुआवजा आदि मदों को शामिल कर डीपीआर तैयार होगी। धनराशि स्वीकृत होने व टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही काम शुरू होगा।
-अजय टम्टा, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री।
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