अल्मोड़ा: सोमेश्वर तहसील के वडयूड़ा गांव में बीती रात आई आपदा ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। घर के पीछे अचानक हुए भूस्खलन ने देखते ही देखते मकान को अपनी चपेट में ले लिया। तेज आवाज के साथ पहाड़ से आया मलबा और भारी पत्थर घर की दीवारों को तोड़ते हुए कमरों में जा घुसे। इस दर्दनाक हादसे में मां, बेटी और बेटे की जिंदगी मलबे के नीचे दफन हो गई।
सुबह जब मलबा हटाकर तीनों के शव बाहर निकाले गए तो घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जिस घर में बीती शाम तक परिवार के लोग साथ बैठकर खाना खा रहे थे, वहां सुबह मातम पसरा था।
राहत एवं बचाव टीमों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद प्रेमा देवी (42), उनकी बेटी कल्पना आर्य (19) और बेटे मनीष कुमार (18) के शव बरामद किए। तीनों शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए बेस अस्पताल लाया गया है। जहाँ प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
रात के अंधेरे में आई मौत की आहट
हर रोज की तरह सोमवार देर शाम खाना खाने के बाद गुलाब राम, उनकी बहू प्रेमा देवी, पोती कल्पना और पोता मनीष अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। गुलाब राम अलग कमरे में सो रहे थे, जबकि बहू और दोनों पोते-पोती दूसरे कमरों में थे।
रात करीब 2 बजे घर के पीछे अचानक भूस्खलन हुआ। तेज आवाज से गुलाब राम की नींद खुल गई। खतरा भांपते ही वह किसी तरह घर से बाहर की ओर दौड़ पड़े। वह दूसरे कमरे में सो रहे अपने परिवार को जगाने के लिए पहुंच पाते, उससे पहले ही मलबा और बड़े-बड़े पत्थर मकान की दोनों दीवारों को तोड़ते हुए कमरे में जा घुसे। गुलाब राम की जान तो बच गई, लेकिन उनकी बहू, पोती और पोता इस भयावह हादसे से नहीं बच सके।
रात के अंधेरे में बुजुर्ग गुलाब राम किसी तरह पास के घरों तक पहुंचे और ग्रामीणों को हादसे की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन भारी मात्रा में जमा मलबे और पत्थरों के कारण राहत कार्य शुरू करना आसान नहीं था। प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
घंटों की मशक्कत के बाद मलबे के नीचे से सबसे पहले प्रेमा देवी का शव बरामद हुआ। इसके कुछ देर बाद कल्पना और मनीष के शव भी बाहर निकाले गए। तीनों की मौत घटनास्थल पर ही हो चुकी थी।
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि गुलाब राम के बेटे राजेन्द्र राम दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है और वह अल्मोड़ा के लिए रवाना हो चुके हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पॉल ने बताया कि तीनों लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। प्रभावित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के कारण आसपास के कुछ अन्य भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। ऐसे परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।
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