-आखिर कब खत्म होगी हूटर की हनक?
-भाजपा नेता ने हाईकोर्ट व केंद्र सरकार के नियमों को किया दरकिनार
अल्मोड़ा। हूटर लगे लग्जरी वाहनों में घूमने का शौक कुछ नेताओं व लोगों में इस कदर हावी है कि वह हाईकोर्ट के आदेश और नियम कानूनों का पालन करना भी जरूरी नहीं समझते हैं। हूटर को यह लोग अपने रौब और प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन जब सत्ताधारी पार्टी के किसी जिम्मेदार पद पर बैठा नेता अगर वीआइपी का भ्रम पाल कर नियमों की धज्जियां उड़ाने लगे तो फिर सवाल खड़े होना लाजमी है।
केंद्र व प्रदेश में सत्ता में आसीन भारतीय जनता पार्टी अपने कड़े अनुशासन के लिए जानी जाती है। बैठकों में पार्टी के नेताओं व पदाधिकारियों को सादगी से रहने की सलाह भी दी जाती हैं। नेता अनुशासन को पार्टी का पहला संस्कार बताते हैं। अक्सर भाजपा नेता यह कहते हुए भी सुनें जाते हैं कि उनकी पार्टी का कार्यकर्ता संस्कारवान व अनुशासित होता हैं। लेकिन अल्मोड़ा पहुंचे भाजपा के प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने न तो सुप्रीम कोर्ट, नैनीताल हाईकोर्ट और केंद्र सरकार से जारी आदेशों की परवाह करना उचित समझा और न ही उनमें अपने संगठन का अनुशासन व संस्कार नजर आया।
दरअसल, भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुरुवार को अल्मोड़ा पहुंचे। अपने लग्जरी वाहन में लगे हूटर को बजाते हुए उन्होंने नगर के मॉल रोड में एंट्री ली। इस दौरान किसी शख्स ने उनके वाहन का वीडियो बना लिया।
चौघानपाटा में कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत करने के बाद वह पार्टी कार्यालय पहुंचें। जहां मीडिया कर्मियों द्वारा उनसे हूटर लगाने व बजाने से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर सवाल किया तो उन्होंने चालक को जानकारी न होने की बात कहकर पूरा ठिकरा अपने चालक पर फोड़ दिया। और सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
हैरत की बात यह है कि आम आदमी को नियमों का पाठ पढ़ाने वाली मित्र पुलिस मॉल रोड से हूटर बजाते गुजर रहे प्रदेश महामंत्री की कार को रोकने व कार्रवाई करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाई। जिस पर स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं। जिम्मेदार पुलिस अधिकारी इस मामले में बयान देने से भी बच रहे है।
गौरतलब है कि मार्च 2016 में नैनीताल हाईकोर्ट और केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश है कि आपातकालीन सेवाओं के अतिरिक्त कोई भी अपात्र व्यक्ति अपने वाहनों में हूटर लगा व बजा नहीं सकता। मोटरयान नियमावली के नियम 119 के तहत इसमें कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन नियम का उल्लंघन करने वाले पर कोई कार्रवाई न करना, पुलिस व परिवहन विभाग के अफसरों की कारगुजारी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह हैं।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत केवल आपातकालीन सेवाओं एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस, मोटरयान अधिकारियों के वाहनों में हूटर लगाने की अनुमति है। इसके अतिरिक्त अन्य वाहनों में हूटर लगाना एमवी एक्ट का उल्लंघन है। हमारे द्वारा ऐसे वाहनों पर एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है।
अनिता चंद, आरटीओ प्रवर्तन, परिवहन विभाग अल्मोड़ा।
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