Breaking News

VPKAS ने मक्का की संकर किस्म ‘वी एल लोफाई’ को किया अधिसूचित, पोषण सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आय वृद्धि को मिलेगा बढ़ावा

 

अल्मोड़ा: विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (VPKAS), हवालबाग द्वारा विकसित कम फाइटेट युक्त जैव-सुदृढ़ीकृत मक्का की संकर किस्म ‘वी एल लोफाई’ को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र के लिए अधिसूचित किया गया है। यह संकर किस्म वी बी एल 107 और वी.बी.एल 109 के संयोजन से विकसित की गई है।

 

वी.बी.एल 107, मक्का पंक्ति वी 407 का चिन्हक सहायक चयन (MAS) आधारित कम फाइटेट संस्करण है, जबकि वीबी.एल 109 को प्राप्तकर्ता लाइन वी क्यू एल 1 और कम फाइटेट दाता लाइन Lpa2 के संकरण से चिन्हक सहायक चयन तकनीक द्वारा विकसित किया गया है। वी एल लोफाई जल्दी पकने वाली (90–95 दिन) संकर किस्म है, जिसमें फाइटेट की मात्रा केवल 2.16 मिलीग्राम/ग्राम पाई जाती है।

 

उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र में अखिल भारतीय समन्वित परीक्षणों के दौरान इसका औसत उत्पादन 6,046 किग्रा दर्ज किया गया। इसने टर्किकम पर्ण झुलसा के प्रति मध्यम प्रतिरोधिता प्रदर्शित की। वी एल लोफाई को पूरे उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र (लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड (पर्वतीय), असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा) में खेती हेतु अधिसूचित किया गया है।

 

इस अधिसूचना से किसानों को उच्च उपज और पोषण-संपन्न मक्का किस्म उपलब्ध होगी, जिससे पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आय वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

 

मुख्य विशेषताएं:

• औसत उत्पादन: 6,046 किग्रा/है (मानक किस्म ए पी एच 1 से 9.85% अधिक)
• जल्दी पकने वाली (90–95 दिन)
• कम फाइटेट: 2.16 mg/g
• मध्यम प्रतिरोधिता: टर्किकम पर्ण झुलसा
• पूरे उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र में खेती के लिए उपयुक्त

यह नई किस्म किसानों को अधिक उत्पादन, बेहतर पोषण और उच्च खनिज उपलब्धता प्रदान करेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में सतत मक्का उत्पादन को मजबूत बनाएगी।

Check Also

पर्यटन सीजन सिर पर और काम अधूरा! डीएम ने क्वारब में डेंजर जोन और बाईपास का किया निरीक्षण, पढ़ें पूरी खबर

अल्मोड़ा: जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने बुधवार को पर्यटन सीजन की आहट के बीच अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *