अल्मोड़ा: ताकुला विकासखंड के राइंका सुनौली एवं महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, चनौदा में हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित वनाग्नि शमन एवं रोकथाम परियोजना के तहत जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से वनों को आग से बचाने तथा सामुदायिक सहभागिता को सशक्त करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर हंस फाउंडेशन की ब्लॉक समन्वयक अनीता कनवाल ने परियोजना की जानकारी दी और वनों के महत्व पर प्रकाश डाला। दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा पहल की सराहना करते हुए कहा कि जंगल मानव जीवन, जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और भविष्य की सुरक्षा का आधार हैं। वनाग्नि से केवल पेड़-पौधों ही नहीं, बल्कि वन्य जीवों, जल स्रोतों, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचती है।
फायर फाइटरों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हंस फाउंडेशन के प्रयासों से ग्राम स्तर पर जागरूकता में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना, त्वरित कार्रवाई और सामूहिक सहयोग से ही जंगलों को आग से बचाया जा सकता है।
रैली के दौरान “गांव का जंगल–गांव की शान” एवं “आग पर रोक–सबका सहयोग” जैसे नारों के माध्यम से ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर वन विभाग से वन दरोगा पंकज सिंह, राजू बिष्ट, लोकेश, हंस फाउंडेशन के फायर फाइटर नंदा बल्लभ जोशी, चंदन सिंह, हेम, कैलाश, विमला, बबिता, चम्पा, प्रधानाचार्य विजय भाकुनी, संतोष कांडपाल, बलदेव त्रिरुवा, शिक्षक शशि, निर्मला मंडराल तथा हंस फाउंडेशन से दीक्षा भाकुनी, कैलाश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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