अल्मोड़ा: नगर से लगे खत्याड़ी गांव के पहल क्षेत्र में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। क्षेत्र में तेंदुए के लगातार दिखाई देने के साथ ही जंगली सूअरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। समस्याओं के निस्तारण और लोगों की सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने डीएफओ को ज्ञापन सौंप आवश्यक कार्यवाही की मांग उठाई है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि जंगली जानवरों की गतिविधियां अब दिन के समय भी दिखाई देने लगी हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। 13 सितंबर की रात करीब 10 बजे पहल निवासी सुनीता देवी पत्नी हरीश सिंह कनवाल के आंगन में बंधे भैंस के बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को वहां से भगा दिया लेकिन इस हमले में भैंस का बच्चा घायल हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद से क्षेत्र में भय का वातावरण है। लोग महिलाओं और बच्चों को अकेले बाहर भेजने तथा खेतों में काम करने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए के अलावा जंगली सूअरों की बढ़ती गतिविधियों से खेती को भी नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों ने डीएफओ से तेंदुए को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने, क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी बढ़ाने, जंगली जानवरों की गतिविधियों वाले स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था करने तथा वन्यजीवों से होने वाले फसल नुकसान पर उचित कार्यवाही की मांग की है। साथ ही महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि मामले में समय रहते प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान कमला देवी, सामाजिक कार्यकर्ता अनिता कनवाल, देवेंद्र सिंह कनवाल एवं पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख आनंद सिंह कनवाल आदि मौजूद रहे।
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