अल्मोड़ा: पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउसों को निजी हाथों में सौंपने के फैसले पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। भूमि बचाओ–धामी हटाओ अभियान के तहत कांग्रेस ने गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन कर धामी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधायक मनोज तिवारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की संपत्तियों को औने-पौने दामों पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की जमीन और जनता की संपत्ति को निजी हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा।
वहीं, भाजपा सांसद अजय भट्ट के नैनीसार जमीन आवंटन वाले बयान पर विधायक मनोज तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने तत्कालीन हरीश रावत सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अगर भाजपा को आवंटन में गड़बड़ी नजर आती है तो सरकार जांच करा ले।
विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि अल्मोड़ा की सरकारी संपत्तियां जनता की धरोहर हैं। इनका निर्माण जनसुविधाओं और सार्वजनिक उपयोग के लिए किया गया है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में इन सरकारी परिसंपत्तियों को बेचने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों को बेचने के बजाय उनका बेहतर रखरखाव और जनहित में उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जनता की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने के किसी भी प्रयास का कांग्रेस विरोध करेगी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण यहां के जल, जंगल, जमीन और संसाधनों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ था। लेकिन आज सरकारी संपत्तियों और भूमि को लेकर जिस तरह के निर्णय सामने आ रहे हैं, वे गंभीर सवाल खड़े करते हैं। अल्मोड़ा शहर और कटारमल के गेस्ट हाउस केवल भवन नहीं हैं, बल्कि इनका अपना ऐतिहासिक, प्रशासनिक और पर्यटन संबंधी महत्व है। सरकार को इन संपत्तियों के भविष्य को लेकर जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। सरकार यदि इन गेस्ट हाउसों को बेचने की दिशा में आगे बढ़ती है तो कांग्रेस जनहित में अपना आंदोलन और तेज करेगी।
धरने के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की कि अल्मोड़ा शहर एवं कटारमल के दोनों गेस्ट हाउसों को बेचने संबंधी किसी भी प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा सरकार इस विषय पर अपनी स्थिति सार्वजनिक करे।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज और संचालन पी सी सदस्य पीतांबर पांडे द्वारा किया गया।
धरना कार्यक्रम मे महानगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, किसान प्रकोष्ठ अध्य्क्ष दीवान राम, सेवादल अध्यक्ष परितोष जोशी, प्रदेश सचिव दीप डांगी, किरन आर्य, पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, शोभा जोशी, विनोद वैष्णव, एनडी पाण्डेय, आनंद बगड़वाल, बीके पाण्डेय, संजय दुर्गापाल, मनोज बिष्ट, अमित बिष्ट, पूरन रौतेला, मुकेश कुमार, दीपक कुमार, वैभव पाण्डेय, विकास कुमार, अम्बी राम, हरीश राम, ब्लॉक अध्यक्ष आनंद बिष्ट, रमेश लटवाल, अरविन्द रौतेला, अख्तर हुसैन, तारा चंद्र शाह, देवेंद्र बिष्ट, हेम कुमार, दिनेश पिलख्वाल, तारा तिवारी, जया जोशी, फेमिना खान, दानिश खान, चंद्र किरण, दीवान सिंह फर्त्याल, पूरन बिष्ट, नरेंद्र बनोला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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