अल्मोड़ा: दुगालखोला स्थित माँ दुर्गा मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गयी है। कथा शुरू होने से पहले महिलाओं द्वारा पारंपरिक परिधान में सजधज कर कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें क्षेत्र की सैकड़ो महिलाओं ने प्रतिभाग किया। ढोल नगाड़ों के साथ कलश यात्रा दुगलखोला से करबला होते हुए दुर्गा मंदिर पर समाप्त हुई
संगीतमय श्रीमदभागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पहले दिन व्यास कमल किशोर उप्रेती द्वारा श्रीमद्भागवत कथा की दिव्य महिमा का वर्णन किया। इस दौरान भक्ति ज्ञान वैराग्य को श्रीमद्भागवत द्वारा पुनरुथान एवं गोकर्ण द्वारा महान प्रेतात्मा धुंधकारी को श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा द्वारा मोक्ष प्राप्ति का दिव्य प्रसंग का वर्णन किया। व्यास ने बताया कि इस काल में भगवान को प्राप्त करने का केवल एक ही उपाय है, भगवान की कथाओं का श्रवण एवं नाम का जप करना। जिसके श्रवण और जप करने से व्यक्ति इस लोक में सुख भोगकर अंत मे गौलोक के प्राप्ति करता है।
इस दौरान संजय दुर्गापाल, मुख्य कमलेश तिवारी, मनोज बिष्ट, मुख्य यजमान ईश्वरी दत्त गुरुरानी, मुकुल दुर्गापाल, भुवन जोशी, नितिन गुरुरानी, पंडित मनोज दुर्गापाल, रोहित लोहनी, मुकेश दुर्गापाल, हितेश दुर्गापाल, मुकेश लोहनी, मनीष लोहनी, प्रदीप लोहनी, घनश्याम गुरुरानी, चिंतामणि भट्ट, राजेश जोशी, गिरिजा दुर्गापाल, निखिलेश पवार, श्याम मलारा, रीता दुर्गापाल, मंजू जोशी, इंद्रा दुर्गापाल, मंजू तिवारी, नीलम दुर्गापाल, सौम्या जोशी, जानकी गुरुरानी, चारु जोशी, रमेश गुरुरानी, गिरीश लोहनी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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