-स्थानीय लोगों ने ताला तोड़कर पाया आग पर काबू
-आग की घटना ने छीना एकल महिला की आजीविका का साधन
अल्मोड़ा: दुगालखोला में रविवार तड़के एक ब्यूटी पार्लर में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दुकान के पार्लर में रखा लाखों रुपये का कॉस्मेटिक सामान, कीमती फर्नीचर और उपकरण जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गए। प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पूरी स्थिति जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
ग्राम माल की निवासी ममता बिष्ट साल 2014 से गोल मार्केट दुगालखोला के समीप एक किराये की दुकान में ड्रीम्स ब्यूटी जोन नाम से अपना पार्लर संचालित कर रही हैं। परिवार में किसी घटना के कारण ममता पिछले कुछ दिनों से अपने गांव गई हुई थीं, जिसके चलते यह पार्लर पिछले एक हफ्ते से बंद था।
रविवार सुबह जब कुछ स्थानीय लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले, तो उनकी नजर बंद दुकान के शटर से निकलते भारी धुएं पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी मकान स्वामी को दी, जिसके बाद मकान स्वामी की सूचना पर ममता ने पास में ही रहने वाले अपने कुछ परिचितों को सूचना दी।
पार्लर के ठीक बगल में एक गैराज था जिसमें वाहन खड़े थे। साथ ही ऊपर की मंजिल पर मकान मालिक का परिवार भी रहता है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग का इंतजार किए बिना खुद मोर्चा संभाला। लोगों ने तुरंत दुकान का ताला तोड़ा और बाल्टियों व पाइप से पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों की इस तत्परता के कारण आग मकान के अन्य हिस्से और वाहनों तक नहीं फैल सकी और एक बेहद बड़ा हादसा होने से टल गया।
इस घटना के दौरान आपातकालीन सेवाओं की एक बड़ी कमी भी सामने आई है। पार्लर स्वामिनी ममता बिष्ट का आरोप है कि घटना के वक्त उनके परिचितों ने फायर ब्रिगेड को सूचना देने के लिए आधिकारिक नंबर 112 पर कई बार कॉल किया, लेकिन हर बार संपर्क नहीं हो पाया। इस संबंध में सफाई देते हुए अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र कुंवर ने बताया कि 112 एक सेंट्रल नंबर है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि इस तरह की आपातकालीन स्थिति में लोग पुलिस, आपदा प्रबंधन या फिर ऑनलाइन माध्यमों से अग्निशमन विभाग के स्थानीय आधिकारिक नंबर प्राप्त कर सीधे सूचना दे सकते हैं।
इस अग्निकांड ने पीड़ित महिला के सामने एक गहरा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। ममता बिष्ट के पति स्व. अमित सिंह बिष्ट का कई साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद से एक एकल महिला के रूप में ममता इसी पार्लर की कमाई से अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं।
ममता ने रुआंसे मन से बताया कि पार्लर में करीब 3 से 4 लाख रुपये का कॉस्मेटिक और अन्य कीमती सामान था, जिसे वह हाल ही में ऋण लेकर आई थीं। कर्ज के बोझ के बीच सब कुछ स्वाहा हो जाने से पीड़िता पूरी तरह टूट चुकी हैं। पीड़ित परिवार व स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित महिला को तुरंत उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने का सहारा मिल सके।
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