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वन्यजीवों के पारंपरिक आवास में इंसान के घुसपैठ से बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष: डीएफओ

अल्मोड़ा। मानसखंड विज्ञान केंद्र स्यालीधार में मानव-वन्यजीव संघर्ष के विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डीएफओ सिविल सोयम वन प्रभाग प्रदीप धौलाखंडी मौजूद रहे।

डीएफओ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसकी वजह मनुष्य ने वन्यजीवों के पारंपरिक आवासीय क्षेत्रों में घुसपैठ कर निर्माण कार्य करना है। इससे वन्यजीवों के लिए भोजन और पानी की उपलब्धता में कमी आई है। और वे बस्तियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को कुछ आवश्यक सुरक्षा उपाय भी बताए। केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह जरूरी है कि हम वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील हों और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करें।

इस कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय, ताड़ीखेत से आए शिक्षक डीसी जोशी, प्रतिभा रावत और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने वन्यजीव संरक्षण की शपथ ली। और वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में केंद्र के प्रदीप तिवारी, भास्कर देवड़ी, शिवम पंत, तमन्ना बोरा, मनीष पालीवाल, संजय कनवाल, उमेश बिष्ट आदि मौजूद रहे।

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