अल्मोड़ा: जिला मुख्यालय से सटे फलसीमा गांव निवासी राजेंद्र बिष्ट के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राजेंद्र का 23 वर्षीय पुत्र कौशल बिष्ट वर्तमान में एक बेहद जटिल और गंभीर बीमारी की चपेट में है। इलाज के अभाव में युवक की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
परिजनों के अनुसार, कौशल लैगोफथाल्मोस जैसी दुर्लभ स्थिति से जूझ रहा है, जिसमें उसकी आँखें हर समय खुली रहती हैं। इसके साथ ही उसे दिमागी सूजन की शिकायत है और वह बोलने की शक्ति भी खो चुका है। बीमारी के कारण वह अत्यधिक दुर्बल हो गया है। स्थानीय चिकित्सकों का कहना है कि यह एक जटिल मामला है और इसका समुचित उपचार दिल्ली जैसे बड़े महानगरों के विशेषज्ञ अस्पतालों में ही संभव है।
कौशल का परिवार अत्यंत निर्धन है। उसके पिता एक दैनिक श्रमिक हैं और भाई गौरव बिष्ट अल्मोड़ा बाजार में काम कर अपनी आजीविका चलाते हैं। विडंबना यह है कि इस संकट की घड़ी में परिवार के पास न तो आधार कार्ड उपलब्ध है और न ही आयुष्मान कार्ड, जिसके कारण सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी भारी कठिनाई आ रही है।
अब तक स्थानीय लोगों के सहयोग से कौशल का हल्द्वानी में उपचार कराया गया, लेकिन सुधार न होने पर उसे वर्तमान में अल्मोड़ा बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाई गौरव बिष्ट का कहना है कि वे अपने भाई को बड़े अस्पताल ले जाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी उनके आड़े आ रही है।
परिजनों ने जन सामान्य, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहायता की भावुक अपील की है। गौरव ने बताया कि यदि धन की व्यवस्था हो पाती है, तो वे अपने भाई को दिल्ली ले जाकर उसकी जान बचा सकेंगे।
युवक के भाई गौरव बिष्ट ने सहयोग के लिए अपना गूगल पे (Google Pay) नंबर साझा किया है, ताकि सीधे आर्थिक मदद उन तक पहुँच सके। उनका गूगल पे नंबर 7983296389 है। आपकी एक छोटी सी मदद एक युवक की जान बचा सकती है।
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