अल्मोड़ा। युवा लेखक डाॅ. पवनेश ठकुराठी द्वारा लिखित कुमाउनी के पहले पत्र संग्रह ‘अगास दूर न्हा’ का कुमाउनी मासिक ‘पहरू’ के सुनारीनौला स्थित कार्यालय में लोकार्पण किया गया। लोकार्पण करते हुए ‘पहरू’ के संपादक डॉ. हयात सिंह रावत ने कहा कि ‘अगास दूर न्हा’ पुस्तक कुमाउनी में पत्र साहित्य विधा की मजबूत आधारशिला रखेगी। कुमाउनी का पहला पत्र संग्रह होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
पुस्तक के लेखक डॉ. पवनेश ठकुराठी ने पुस्तक के विषय में बताते हुए कहा कि ‘अगास दूर न्हा’ में कुल 10 पत्र संगृहीत हैं। ये पत्र एक शिक्षक ने अपने विद्यार्थियों हेतु लिखे हैं। सभी पत्र विद्यार्थियों और युवाओं का मार्गदर्शन करने एवं उन्हें प्रेरणा देने में सक्षम हैं। पुस्तक को रवीना प्रकाशन, दिल्ली ने प्रकाशित किया है।
ज्ञात हो कि पवनेश कुमाउनी और हिंदी के एक सशक्त लेखक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी कुमाउनी और हिंदी में 20 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और अनेक रचनाएँ राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हो चुकी हैं। इस पुस्तक से पूर्व वे कुमाउनी स्मारक साहित्य की चार नई विधाओं रिपोर्ताज, रेखाचित्र, साक्षात्कार और डायरी की भी पुस्तकें लिख चुके हैं।
लोकार्पण के अवसर पर कुमाउनी के शोधार्थी डॉ. चंदन पांडे, कैलीग्राफी बाॅय ललित तुलेरा, पहरू उप संपादक शशिशेखर जोशी, शिक्षिका माया रावत समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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