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पहाड़ के लोग कब तक यूं ही मरते रहेंगे, एक हफ्ते के भीतर 3 मासूम बने गुलदार का निवाला, गुलदार ने अब यहां किशोर को मार डाला

इंडिया भारत न्यूज़ डेस्क(IBN): पहाड़ में घर, आंगन, जंगल कहीं भी लोग सुरक्षित नहीं है विशेषतौर पर महिलाएं व बच्चे। चहुंओर गुलदार का आतंक है। गुलदार के बढ़ते हमलों से लोग खौफजदा है। लेकिन घटनास्थलों से सैकड़ों किमी दूर राजधानी में बैठी धाकड़ धामी की सरकार व उनके मंत्री हाथ मे हाथ धरे बैठे है।

उत्तराखंड में पिछले एक हफ्ते से भी कम समय के भीतर आदमखोर गुलदार 3 मासूमो को मौत के घाट उतार चुका है। कभी घर के आंगन में खेलते हुए तो कभी घर को लौटने के दौरान गुलदार बच्चों को अपना टारगेट बना रहा है। अपने कलेजे के टुकड़ों की दर्दनाक व असामयिक मौत से मां-बाप खून के आंसू बहा रहे है। परिजनों में चीख पुकार मची है। लेकिन गूंगी बहरी सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही। हैरत की बात ये भी है कि विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर आवाज उठाना लाजमी नहीं समझ रहे। ऐसे में लोगों की जुबां पर एक ही सवाल है, आखिर पहाड़ के लोग कब तक यूं ही मरते रहेंगे?

पौड़ी व अल्मोड़ा में 2 मासूमों को गुलदार द्वारा अपना निवाला बनाये जाने का दर्द इंसानी जहन से उतरा नहीं था कि अब टिहरी में एक 12 वर्षीय किशोर को गुलदार ने अपना शिकार बना दिया। एक हफ्ते के भीतर उत्तराखंड में यह तीसरा मामला है। जिससे लोग दहशत में है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक टिहरी बालगंगा रेंज के मयकोट निवासी रणवीर चंद का 12 साल का बेटा अरनव चंद बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे गांव के पास में अपने दोस्तो के साथ खेलकर घर लौट रहा था। इसी दौरान घात लगाये गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।

वन विभाग व राजस्व विभाग के संयुक्त सर्च आप्रेशन के बाद देर रात करीब 2 बजे घर से एक किमी दूरी पर झाड़ियों से आरव का क्षत विक्षत शव बरामद किया गया। घटना के बाद से ग्रामीणों व आसपास के लोगों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश बना हुआ है। वही, मृतक के स्वजनों में कोहराम मचा हुआ है।

वन रेंज अधिकारी प्रदीप चौहान ने बताया कि बालक बीती शाम से गायब चल रहा था। मयकोट गांव में जिस रास्ते से वह आ रहा था, वहां झाड़ियां जमी हैं, संभव है कि वहीं घात लगाकर गुलदार ने घटना को अंजाम दिया होगा। गांव में पिंजरा और गस्ती दल तैनात किया है। बताया सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है।

गौरतलब है कि बीते 22 नवंबर को पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के निसणी गांव निवासी रविंद्र सिंह के 5 वर्षीय पुत्र पीयूष को गुलदार ने मार डाला था। ठीक इस घटना के 2 दिन बाद 24 नवंबर को अल्मोड़ा जिले के भनोली तहसील के नैलपड़ क्वेराली तोक निवासी रमेश बोरा के 8 वर्षीय इकलौते बेटे आरव को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया था।

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